संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अधिवक्ता परिषद इकाई की ओर से मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन चैंबर कॉम्पलेक्स कॉन्फ्रेंस हाल में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की प्रस्तुति से की गई। अनीता बंसल कार्यकारिणी सदस्य व स्नेह कृतिका ने गीत गाया।
अधिवक्ता चंद्र रेखा महिला प्रमुख ने अतिथियों का स्वागत किया। इसमें मुख्य अध्यक्षता सीमा सिंघल अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश और मुख्य वक्ता के रूप में रमनदीप कौर सिविल जज जूनियर डिवीजन व नवजीत कलेर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश, रिचू सिविल जज जूनियर डिवीजन, श्रुति सिविल जज जूनियर डिवीजन ने शिरकत की।
सीमा सिंघल ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में भी महिलाओं के कानूनों के अधिकारों पर पुरजोर दिया जा रहा है, ताकि महिलाओं को समाज में किसी प्रकार से कोई समस्या का सामना ना करना पड़े। वहीं, दूसरी तरफ मुख्य वक्ता रमनदीप कौर सिविल जज जूनियर डिवीजन ने प्रकाश डाला कि महिला दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि जागरूकता का दिन है। लैंगिक समानता को बढ़ावा देना, शिक्षा और रोजगार में समान अवसर की बात, महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान, समाज में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान। आज महिलाएं राजनीति खेल विज्ञान कला और व्यापार हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह दिन उनके संघर्ष और सफलता की कहानी को सम्मान देने का अवसर है।
इस मौके पर अमित गोयल प्रांत उपाध्यक्ष, राकेश पारिक, संजीव गर्ग कार्यकारिणी सदस्य, संदीप खट्टर, तेज मोहन सिंह, कालू राम टाक, सुरेश मेहता, न्याय केंद्र प्रमुख सतपाल, अनिता बंसल कार्यकारिणी सदस्य व अन्य मौजूद रहे।