कटड़ी का दूध निकालता किसान मांगेराम।
ओढां। पशु अकसर ब्याने (मां बनने) के बाद ही दूध देता है, लेकिन ओढां खंड के गांव रोहिड़ांवाली में किसान मांगेराम के घर एक बिन ब्याई कटड़ी प्रतिदिन पांच किलोग्राम दूध दे रही है। किसान की कटड़ी को देखने के लिए काफी लोग आ रहे हैं। किसान के पास इस समय पौने दो वर्ष की मुर्रा नस्ल की कटड़ी है। इसका किसान ने ‘सुंदरी’ नाम रखा हुआ है।
चिकित्सकों के अनुसार, पशु के हाॅर्मोन अत्यधिक मात्रा में रिलीज होने के चलते ऐसा हो सकता है। किसान मांगेराम एक जागरूक पशुपालक हैं जो पिछले करीब 25 वर्षों से नस्ल सुधार पर कार्य करता आ रहे हैं। मांगेराम ने बताया कि उसकी कटड़ी ने पांच दिन पूर्व ही प्रथम बार कृत्रिम रूप से गर्भाधान किया है, लेकिन वह पिछले करीब चार माह से प्रतिदिन पांच किलोग्राम दूध दे रही है। दूसरी विशेष बात यह है कि उक्त कटड़ी का दूध डेयरी पर 85 से 90 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिकता है।
किसान मांगेराम ने बताया कि करीब चार माह पूर्व जब उन्होंने कटड़ी के बढ़ रहे स्तनों को देखा तो उन्होंने चिकित्सक को दिखाया। इसके बाद चिकित्सक ने कटड़ी का 4-5 दिन तक उपचार भी किया, लेकिन कोई परिणाम नहीं मिला। उन्होंने कुछ अनुभवी लोगों से राय ली तो उन्होंने सलाह दी कि वह कटड़ी का दूध निकालकर देखे।
जब उसने प्रथम बार कटड़ी का दूध निकाला तो उसने करीब 250 ग्राम दूध दिया। इसके बाद धीरे-धीरे उसका दुग्ध उत्पादन बढ़ता रहा। इस समय वह प्रतिदिन पांच किलोग्राम दूध दे रही है। हालांकि, किसान मांगेराम कटड़ी को अन्य पशुओं की भांति ही सामान्य आहार देते हैं। किसान मांगेराम ने उक्त कटड़ी की मां ‘पूजा’ भैंस को तीन लाख 30 हजार रुपये में गांव बडागुढ़ा के एक किसान को बेचा था।
- ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं। हमने भी पहली बार ऐसा सुना है। वैसे पशु के हाॅर्मोन अत्यधिक मात्रा में रिलीज होने के चलते ऐसा हो सकता है, जोकि प्राकृतिक है। - डॉ. सुखविंद्र चौहान, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, सिरसा।