सिरसा। शहर में रहने वाले पूर्वांचली श्रद्धालुओं ने छठ पूजा के अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर मनोकामना मांगी। छठ पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण कर अपना निर्जला व्रत खोला। इसके साथ ही चार दिनों का छठ पूजा का महापर्व समाप्त हो गया।
सोमवार अलसुबह ही पूर्वांचली श्रद्धालु उठ गए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की तैयारी की। दिल्ली पुल पर बने घाट पर करीब 7 से 8 हजार के करीब श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालु सुबह के ठंड में 2 घंटे तक पानी में खड़े होकर पूजा-अर्चना कर रहे थे। पूर्वांचल समाज के लोग छठ मैया की पूजा के लिए छोटे बच्चों को साथ में लेकर परिवार सहित पहुंचे। इस दौरान महिलाओं व परिवारजनों ने भी ठंडे पानी में खड़े होकर सूर्योदय होने का इंतजार किया। दिल्ली पुल पर करीब 2 किलोमीटर दूर तक श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। इस दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा। जिन्होंने यातायात प्रबंधन की व्यवस्था को संभाला ।
सूर्यदेव ने करवाया इंतजार
सोमवार को धुंध होने के चलते सूर्यदेव ने श्रद्धालुओं को इंतजार करवाया। जिसके चलते महिलाओं को पानी में खड़े होकर करीब 2 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा। छठ पूजा के दौरान युवाओं में गजब का जोश देखने को मिला। 10 डिग्री तापमान में भी सुबह चार बजे से छठ मैया की पूजा करने के लिए श्रद्धालु पहुंचे। पूर्वांचल संस्था की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। मेले से लेकर छठ मैया की पूजा के लिए मंदिर की स्थापना तक की गई। इतना ही नहीं, पंडाल लगाकर भजन-कीर्तन चलते रहे और कलाकारों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं।
मौसम भी बेअसर रहा आस्था के सामने
छठ पूजा के श्रद्धालुओं की आस्था के सामने सर्दी कहीं नजर नहीं आई। तीन साल बच्चों से लेकर 70 साल के बुजुर्ग लोग पूजा करने के लिए पहुंचे। महिलाओं के साथ साथ पुरुषों ने भी पानी में खड़े होकर छठ पूजा की। रजवाहे के साथ साथ जलती पूजा की ज्योत और सुहागनों के जोड़े में बैठी महिलाओं ने अलग ही समा बांध दिया। आस्था के इस समागम में हर कोई हाथ जोड़ छठ मैया की जय के नारे लगाते हुए नजर आया।