गांव चौटाला के सामान्य अस्पताल में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने स्टाफ को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। पुलिस पहुंची तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीण अस्पताल में अव्यवस्थाओं को लेकर आक्रोशित थे।
बुधवार सुबह ग्रामीण लामबंद होकर सिविल अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने स्टॉफ से चिकित्सकों के समय पर न आने तथा दवा न मिलने पर सवाल करना शुरू कर दिया।
नर्सिंग स्टॉफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल में ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे हनुमान वाल्मीकि ने बताया कि सुबह कुछ लोग उपचार करवाने के लिए गए थे।
तब अस्पताल में कोई नहीं था। करीब 11 बजे महिला चिकित्सक अस्पताल में आईं। उनसे पूछा गया कि आप देरी से क्यों आई हैं तो उन्होंने कहा कि तनख्वाह सरकार देती है तो जवाब भी उसी को देंगी।
बात इतनी बढ़ गई कि किसी ने अस्पताल पर ताला जड़ दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक हंगामा किया। हरियाणा सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आज मैं इमरजेंसी में थी। उस समय डिलीवरी पेसेंट आया हुआ था। इसी दौरान ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल में घुस आई। स्टॉफ को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। मुझे भी बाहर निकालने का प्रयास किया। मैंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने आकर स्थिति संभाली। अस्पताल में तीन चिकित्सक हैं। दो छुट्टी पर चल रहे हैं। फार्मासिस्ट नहीं है। फिर भी हम कार्य देख रहे हैं। राजनीतिक कारणों के चलते अस्पताल का माहौल खराब किया जा रहा है। मैंने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है।
-कुलविंद्र कौर, कार्यकारी प्रभारी, सामान्य अस्पताल, चौटाला
सूचना मिलते ही मैं मौका पर गया था। कुछ ग्रामीण वहां खड़े थे। उन्हें समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। सिविल अस्पताल की ओर से लिखित में कोई शिकायत नहीं आई है।
-एएसआई हंसराज, पुलिस चौकी, चौटाला