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Sirsa News: बरसात से गेहूं में बढ़ी नमी की मात्रा, नहीं हुई खरीद शुरू

Wed, 01 Apr 2026 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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किसानों को फसल सुखाकर मंडी लाने की दी सलाह
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फोटो - 24
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। सरकारी आदेश के अनुसार प्रदेश की प्रत्येक अनाज मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है लेकिन रानियां क्षेत्र में मंगलवार को हुई बरसात और ओलावृष्टि के चलते गेहूं की फसल में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे रानियां क्षेत्र की किसी भी अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई।
हालांकि, 1 अप्रैल को जीवन नगर और रानियां अनाज मंडी में किसानों की ओर से करीब 1200 क्विंटल गेहूं लाया गया जिसमें नमी की मात्रा अधिक होने के चलते सरकारी एजेंसियों ने खरीदने से मना कर दिया।
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रानियां मार्केट कमेटी के सचिव सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद के लिए फसल में नमी की मात्रा 12 से 14 प्रतिशत के मध्य होनी चाहिए जबकि मंगलवार को जीवन नगर और रानियां अनाज मंडी में पहुंचे 1200 क्विंटल गेहूं में नमी की मात्रा 16 से 18 प्रतिशत दर्ज की गई। इस कारण किसानों को गेहूं को सुखाने की सलाह दी गई।
सचिव ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए अनाज मंडी में सफाई, बिजली, पानी, शौचालय, टोकन संबंधी अन्य सभी व्यवस्था पूरी की जा चुकी है। ताकि, गेहूं की फसल बेचने व खरीदने के दौरान किसानों व व्यापारियों किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
सचिव ने क्षेत्र के किसानों को अपने गेहूं की फसल में मानकों के अनुसार नमी की मात्रा होने के उपरांत ही मंडी में लाने की सलाह दी ताकि अनाज मंडियों में किसी भी किसान को अपनी फसल सुखाने या अन्य किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मंडियों में व्यवस्था बनाने में जुटे अधिकारी
सिरसा मंडी में टूटीं सड़कों के कारण जमा हुआ पानी, कच्ची जगह कीचड़ में बदली, सचिव ने किया निरीक्षण
- डिजिटल कांटे के लिए दिया 24 घंटे का वक्त
फोटो 27

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बारिश और ओलावृष्टि के कारण मंडी में गेहूं नहीं पहुंचा है। रानियां में 1200 क्विंटल भले ही गेहूं आया पर नमी ज्यादा होने पर खरीद नहीं हुई। ऐसे में पहले दिन मंडी में गेहूं की खरीद शून्य रही। वहीं, मंडियों में व्यवस्था बनाते हुए अधिकारी नजर आए।

बारिश के कारण मंडियों के हालात की पोल खुलकर सामने आ गई। जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भरा हुआ था। बरसाती लाइन बिछाने के तोड़कर छोड़ीं सड़कों पर पानी जमा हो गया और कीचड़ देखने को मिला। इस कारण सरसों लेकर आने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मार्केट कमेटी के सचिव ने बुधवार को मंडियों का निरीक्षण किया और जहां-जहां कमियां मिलीं उसमें सुधार के आदेश दिए। सरसों की तौल के लिए डिजिटल कांटे प्रयोग नहीं करने पर आढ़तियों की फटकार लगाई और 24 घंटे के अंदर डिजिटल कांटे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
हालांकि, मंडी में कुछ दुकानों के बाहर डिजिटल कांटे रखे हुए नजर आए। एक सप्ताह बाद गेहूं का सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में बिना डिजिटल कांटे के तौल करने पर आढ़तियों पर जुर्माने की कार्रवाई भी मार्केटिंग बोर्ड की ओर से की जाएगी।

बायोमीट्रिक के लिए सीएससी कर्मचारियों पर निर्भर एचकेआरएन के तहत कर्मचारी नहीं मिलने के बाद अब सीएससी वाले कर्मचारियों की मदद ली जाएगी। विशेष रूप से इंटरव्यू लेने का काम जारी है। एचकेआरएन के साथ दूसरे विभागों से कर्मचारी नहीं मिलने के चलते बायोमीट्रिक हाजिरी व ट्रैक्टर व किसान का डाटा अपलोड करने के लिए कर्मचारियों की जरूरत है। ऑनलाइन मोबाइल एप के माध्यम से सारा काम होना है। इसलिए इसी दिशा में काम जारी है। कुल 380 कर्मचारियों की सभी 68 खरीद केंद्रों पर जरूरत है।
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मार्केट कमेटी के सचिव विरेंद्र मेहता ने कहा कि मंडी का निरीक्षण किया गया है। विकास कार्य के कारण कुछ जगहों पर पानी भरा हुआ है। नगर परिषद को इंटरलॉकिंग लगानी है। उम्मीद है कि नगर परिषद जल्द से जल्द इस कार्य को करेगी। मंडी में डिजिटल कांटे के लिए सख्त आदेश दिए हैं। आढ़तियों को समझाया गया है कि अगर वे डिजिटल कांटे का प्रयोग नहीं करेंगे तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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