मंडियों में शनिवार को बिना शेड्यूल के अंतिम दिन गेहूं की खरीद होगी। मंडी में गेहूं लेकर पहुंचने वाले किसानों को पहले मार्केट कमेटी से गेट पास कटवाना होगा जिसके पश्चात किसानों की गेहूं की खरीद हो पाएगी। ऐसे में अगर कोई आढ़ती नियम की उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने का भी प्रावधान है। हालांकि अभी तक 25 फीसदी किसानों का घर पर ही गेहूं पड़ा है। शुक्रवार को भी आढ़तियों और मार्केट कमेटी अधिकारियों की बैठकों का दौर चलता रहा।
इस दौरान लॉकडाउन से पहले आढ़तियों द्वारा तोली गई गेहूं का गेट पास न कटने का मामला गरमाया रहा। इसको लेकर आढ़तियों ने बीते दिन भी प्रदर्शन किया था। वहीं दि आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह सरकारिया ने कहा कि किसानों ने गेहूं मंडियों में डाली हुई थी। जिस पर एजेंसियों से बारदाना मांगा गया। लॉकडाउन में एजेंसियों ने बरदाना उपलब्ध करवा दिया। इसके बाद मंडियों में गेहूं बोरियों में भराव दी है। किसानों की पहले आई इस गेहूं को खरीदने से इनकार कर दिया गया है। यह किसानों की ही गेहूं है। जिला प्रशासन कमेटी बनाकर भले ही गेहूं की जांच करवा ली जाए। इस गेहूं की खरीद होने के बाद पेमेंट भी किसानों के खाते में जाएगी।
मार्केट कमेटी ने अनाज मंडी में आने वाली उपज का टोकन कटने के बाद ही मंडी में वाहन की एंट्री मंडी में होगी। इसके लिए मार्केट कमेटी के गेट नंबर 1 पर अधिकारी भौतिक निरीक्षण करेंगे। यही पर गेट पास किया जाएगा। मंडी में बिना गेट पास पहुुंचने वाली गेहूं की एजेंसियों की ओर से खरीद नहीं की जाएगी।