संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पुराने बस स्टैंड के पास बनी जाट धर्मशाला में वीरवार रात दो बजे पांच से छह लोग हथियारों के साथ पीछे के गेट व दीवार को फांदकर घुस गए। 40 मिनट तक जाट धर्मशाला के अंदर के परिसर को खंगाला। इसके साथ ही एक कमरे की जांच भी की। इसके बाद वापस दीवार फांदकर चले गए। सभी की गतिविधियां पुलिस कर्मचारियों जैसी थीं। वहीं, पता चलने पर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एसपी दीपक सहारण को मैनेजर ने सुबह लिखित में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
जाट धर्मशाला के मैनेजर ओमप्रकाश ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से उन्हें सारी घटना का पता चला। प्रधान और उनके बेटे को अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि आप लिखित में एसपी सिरसा को शिकायत दें। इसके बाद सुबह 10 बजे के बाद एसपी दीपक सहारण को शिकायत दी और फुटेज सौंपी।
मैनेजर ने बताया कि जाट धर्मशाला में वीरवार रात दो बजकर 2 मिनट पर हथियारों के साथ छह सात लोग परिसर में घुसे थे। उन्होंने किसी को हताहत नहीं किया और न ही किसी प्रबंधन के व्यक्ति से बातचीत की। पीछे के गेट और दीवार को फांदकर वे अंदर आए थे।
उसके बाद पार्क और परिसर में वे घूमते रहे और एक कमरे की तलाशी ली। सीढि़यों पर चढ़कर आसपास देखा। इसके बाद वे 2 बजकर 40 मिनट के आसपास लौट गए।
मैनेजर ने बताया कि जाट धर्मशाला में 40 कमरों को किराये व रात्रि ठहराव के लिए दिया जाता है। 50 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से आमजन को देते हैं। ज्यादातर जाट धर्मशाला में यात्री ही ठहरते हैं क्योंकि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के नजदीक है। वीरवार को 30 कमरों में यात्री ठहरे हुए थे।
वहीं, इस मामले में जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने हिसार के सीआईए प्रकरण से जोड़ते हुए प्रेसवार्ता की। चौटाला ने कहा कि जाट धर्मशाला में वीरवार रात दो बजे आठ हथियारबंद लोग दीवार व गेट फांदकर अंदर घुसे थे। आधे घंटे से ज्यादा समय बंदूकें लहराते हुए वे परिसर में घूमते रहे। उन्हें जो अपनी कार्रवाई करनी थी वे करके पिछली दीवार फांदकर चले गए। उन्होंने वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया कि परिसर में घुसे दो लोगों के पास एके-47, दो लोगों के पास पिस्तौल और एक के पास कार्बाइन थी।
चौटाला ने कहा कि नायब सिंह सैनी सरकार में कानून व्यवस्था बदतर हालात में है। हिसार में हुई घटना का सबको पता है जिसमें बच्चों पर आधी रात को घर में दबिश देकर प्रताड़ित किया गया। दलित बच्चियों के बिस्तर पर चढ़कर डीवीआर लिया गया। गरीब लोगों की कनपटी पर पिस्तौल लगाकर ले गए। उन्होंने कहा कि रात के दो बजे बदमाश या डकैत, कौन थे, जिन्होंने जाट धर्मशाला में हथियार लहराकर खौफ का माहौल पैदा करने का काम किया।