दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मौजूद युवा व अन्य।
सिरसा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से चलाई जा रहे प्रकल्प बोध के तहत आजादी की 79वीं वर्षगांठ पर युवाओं ने नशा न करने का संकल्प लिया। एक युद्ध नशे के विरुद्ध कार्यक्रम के तहत स्वामी प्रेम प्रकाशनंद ने बताया कि आज हम बाहरी तौर पर तो आजाद है, लेकिन अपने मन के गुलाम बनते जा रहे हैं।
स्वामी ने कहा कि जब तक मन को नहीं जीत लेते, तब तक असली आजादी नहीं मिल पाएगी। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए कहा कि यह न केवल उपयोगकर्ता के जीवन को नष्ट करता है। बल्कि उसके परिवार को भी प्रभावित करता है। स्वामी ने इस विषय पर युवाओं से चर्चा करते हुए कहा कि नशे की रोकथाम के लिए भी हमें ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
आंकड़ों के अनुसार हर साल नशे की कारण 7 से 8 करोड़ लोग अपनी जान गंवाते हैं। इसीलिए संकल्प मुहिम के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवा पीढ़ी को गिरावट की ओर ले जा रहा है। आज समाज डिजिटल नशे की गिरफ्त में पड़ गया है। हर छोटे से बड़े वर्ग सबके हाथों में मोबाइल मिलेगा।
हम सब जानते हैं इसके माध्यम से कैसे सामग्री परोसी जा रही है। आशुतोष महाराज का मानना है कि इन सब समस्याओं का मूल कारण इंसान का मन है। उसकी अज्ञानता है। बाहरमुखी मन को आत्म केंद्रित करने की जरूरत है। जो ब्रह्मज्ञान से ही संभव है। इस अवसर पर राजेश दुआ, सुमित, कुलबीर, जितेंद्र सिंह, निर्मल सिंह और जगदीश कक्कड़ भी उपस्थित रहे।