ओढां। गांव नुहियांवाली में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति न मिलने के चलते ग्रामीणों ने जलघर में पहुंचकर रोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर शीघ्र ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन जलघर में धरना लगाना पड़ेगा। मौके पर मौजूद जलघर के कर्मचारियों ने सफाई देते हुए कहा कि उनके पास जो संसाधन हैं वे उसी हिसाब से सप्लाई दे रहे हैं। व्यवस्था को दुरुस्त करना अधिकारियों के हाथ में है।
रोष व्यक्त कर रहे ग्रामीण अजय नेहरा, बलविंदर सिंह, सारदूल, रमेश कुमार, राजेन्द्र कुमार, देवी सिंह, बिल्लू सिंह व मनोज कुमार आदि ने बताया कि जल घर में 4 फिल्टर हैं। जिनमें से 2 तो बिल्कुल ही बंद पड़े हैं और जो बाकी 2 फिल्टर हैं वो भी पूरी तरह से सही नहीं है। ऐसे में गांव में जो पेयजल आपूर्ति दी जाती है वो बिना फिल्टर किए सीधे रूप से की जाती है। बिना फिल्टर का पानी अशुद्ध होता है।
उन्होंने बताया कि दूसरी समस्या ये है कि जलघर में जो 2 बड़े वाटर टैंक हैं उनका नीचे से बेड लीकेज होने के चलते उनमें पानी टिक नहीं पाता। ऐसे में गांव में बोरवेल का पानी छोड़ा जा रहा है। ये पानी पीने के योग्य नहीं है। वहीं ग्रामीणों ने जलघर के कर्मचारियों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वे गांव में निर्धारित समय पर वाटर सप्लाई नहीं देते। जिसके चलते गांव के विभिन्न हिस्सों में लोगों को बार-बार फोन करना पड़ता है। ग्रामीण अजय नेहरा ने बताया कि उनके मोहल्ले में बोरवेल के पानी के चलते कई लोग अस्वस्थ हो गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रशासन ने समस्या का शीघ्र ही निदान नहीं किया तो उन्हें मजबूरन जलघर में धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जलघर में रोष व्यक्त करने के बाद ग्राम सरपंच से भी मिले और उन्हें समस्या से अवगत करवाया। जिस पर सरपंच ने कहा कि वे इस बारे संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाएंगे।
वाटर टैंक लीकेज हैं। जिनके लिए हमने एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। पिछले वर्ष ही हमने फिल्टरों की सफाई करवाई थी। कोई फिल्टर बंद नहीं है। फिर भी हम चेक करवा लेते हैं। अगर फिर भी कोई समस्या है तो हम उसे दूर करेंगे ताकि ग्रामीणों को कोई दिक्कत न आए।
-हेमंत कुमार, जेई (जन स्वास्थ्य विभाग)