सिरसा। गांव बेगू में प्लॉटों की रजिस्ट्री रुकने को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा जा रहा है। सोमवार को ग्रामीण पटवार भवन के सामने एकत्रित हुए और अपना रोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा है कि बार-बार गांव में जमीनों व प्लॉटों की रजिस्ट्री रोक दी जाती है, कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उनकी चेतावनी है कि 4 जून को मतगणना के बाद वह बड़ा आंदोलन शहर में करेंगे।
गांव निवासी गोल्डी बजाज, सौरव, सोनू वर्मा, काला खट्टर, डॉ. हरिकिशन नड्डा, दिलबाग सिंह व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पहले प्रशासन ने जमीनों व प्लॉटों की रजिस्ट्री बंद कर दी थी। इसके लिए उनको कई आंदोलन करने पड़े और यहां तक की हाईकोर्ट तक जाना पड़ा। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जमीनों की रजिस्ट्री तो आरंभ कर दी गई, लेकिन अब प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं की जा रही है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनको प्लॉटों की रजिस्ट्री के लिए कभी नगर परिषद और कभी डीआरओ के पास जाना पड़ता है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती।
डीआरओ के नाम से रजिस्ट्री के लिए कोई टोकन भी नहीं कट रहा है। वह कई बार इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने जब चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की थी तो आनन फानन में प्रशासन ने जमीनों की रजिस्ट्री आरंभ कर दी, लेकिन प्लॉटों की रजिस्ट्री अभी तक आरंभ नहीं की गई है। उनके गांव में फिलहाल सिरसा शहर में शामिल किया गया है और उनको इसकी जानकारी नहीं दी गई कि आखिरकार वह रजिस्ट्री के लिए फीस कहां भरें। पूरा गांव रजिस्ट्री फीस भरने काे तैयार है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीनों के इंतकाल के लिए भी उनसे रुपयों की मांग की जाती है। जो लोग रुपये नहीं देते, उनके इंतकाल 2-2 साल से अटके हुए हैं। इस मामले में वह कानूनगो इंद्रजीत व पटवारी गुरदीप से भी मिले, लेकिन कोई सुनवाई न होने के बाद उन्होंने कहा है कि 4 जून की मतगणना के बाद वह बड़ा आंदोलन करेंगे।
रजिस्ट्री पीछे से बंद है। पोर्टल पर जब वे जानकारी डालते हैं तो रिकॉर्ड शो नहीं होता। इस बारे में मुख्यालय से ही कुछ हो सकता है। पोर्टल पर जानकारी हुए बिना वो कुछ नहीं कर सकते।
- इंद्रजीत सिंह, कानूनगो, सिरसा।