गांव कर्मशाना, ढाणी शेरा वाली, मिठनपुरा व किशनपुरा में रहते हैं 15 हजार ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। राजस्थान की सीमा से लगते गांव कर्मशाना, ढाणी शेरा वाली, मिठनपुरा व किशनपुरा में पेयजल संकट गहरा गया है। उक्त गांवों में करीब 15 हजार लोग रहते हैं।
इस क्षेत्र में मुख्य रूप से पानी सिरसा जिले के गांव नेहराणा से निकलने वाली ढाणी शेरावाली भाखड़ा नहर से आता है। उक्त नहर नेहराणा से शुरू होकर गांव दड़बा, कैरावाली, बकरियांवाली, माधोसिघाना, मल्लेका, उमेदपुरा, मेहना खेड़ा, भुरटवाला, पोहड़का, मिठ्ठी सुरेरा, खारी सुरेरा, किशनपुरा व मिठनपुरा से होती हुई लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों को क्रॉस करके राजस्थान की सीमा से सटे टेल के अंतिम गांव कर्मशाना व ढाणी शेरा वाली जाकर समाप्त होती है।
नहरी विभाग के मुताबिक, इस नहर में पेयजल पानी ने नेहराणा हेड से 6 मई 2026 शाम को रिलीज किया गया था लेकिन उक्त चार गांवाें में अब तक पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीण कुलदीप मुंदलिया, चेतराम झोरड, राजेंद्र मुंदलिया, सत्यनारायण सहू, अनिल जाखड़, विक्रम चंद्र सैनी, वेद प्रकाश पूनिया मिठनपुरा, नौरंग लाल भांभू, नरेश रूहिल, राजेंद्र ढाणी शेरा, सुरजीत सिहाग, काशीराम सहारण किशनपुरा, संदीप सिंहमार ने बताया कि उनकी यह समस्या केवल आज की नहीं है बल्कि वे पिछले कई वर्षों से पेयजल पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वीरवार तक नहरी विभाग गांव के जलघर में पानी पहुंचाने में असमर्थ रहा तो शुक्रवार को ग्रामीण इकट्ठा होकर रोड जाम करेंगे। वहीं, नहरी विभाग जेई गुरसेवक सिंह ने कहा कि तीन से चार दिनों में टेल के अंतिम सभी गांवों में पानी पहुंच जाएगा।