सिरसा। मंडियों में परमल धान की सरकारी खरीद शुरू न होने और किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलने के मुद्दे पर सोमवार को इंडियन नेशनल लोकदल ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। रानियां विधायक अर्जुन चौटाला की अगुवाई में इनेलो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
इससे पहले विधायक ने अनाजमंडी का दौरा कर किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने कहा कि सरकार की कथित उदासीनता का खामियाजा किसानों को आर्थिक नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
परमल धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान फसल बेचने के लिए परेशान हैं। फैक्टरी संचालकों द्वारा नमी के नाम पर किसानों के भुगतान में प्रति क्विंटल कटौती की जा रही है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
200 रुपये बढ़ने की उम्मीद, सिर्फ 25 रुपये बढ़े
अर्जुन चौटाला ने कहा कि किसानों को उम्मीद थी कि इस बार गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होगी। पिछले वर्ष समर्थन मूल्य में 160 रुपये की वृद्धि की गई थी। इस बार महज 25 रुपये की बढ़ोतरी कर किसानों को निराश किया गया है।
उन्होंने कहा कि बाजरे की खरीद भी धीमी गति से चल रही है और किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। इनेलो कार्यकर्ता सन्नी बब्बर के प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने कहा कि हरियाणा में विपक्ष की भूमिका इनेलो मजबूती से निभा रही है। पार्टी किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की आवाज उठा रही है।
सरकार नाम की कोई चीज नहीं, बड़े आंदोलन की तैयारी
विधायक ने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज दिखाई नहीं दे रही और व्यवस्था बदहाल है। मौजूदा हालात को देखते हुए इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष बड़े आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई से गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ रही हैं जबकि सरकार विकास के आंकड़े गिनाने में लगी है।
उन्होंने कहा कि मेवात किसी एक राजनीतिक दल का गढ़ नहीं है। मेवात को जिले का दर्जा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में मिला था और यहां के लोगों ने हमेशा चौधरी देवीलाल को सम्मान दिया है। इस मौके पर इनेलो जिलाध्यक्ष जसवीर सिंह जस्सा, कुलदीप गोदारा, मंदर सिंह, हरमीत सिंह, जसविंद्र बिंदु, गुरविंद्र सिंह, होशियार सिंह, भगवान कोटली, महावीर शर्मा, महेंद्र आदि मौजूद रहे।