संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने अनाज मंडी में व्यापारी व किसानों की समस्या सुनने के बाद कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश का किसान व आढ़ती बर्बादी के कगार पर हैं।
बजरंग गर्ग ने कहा कि प्रदेश में गेहूं की पैदावार बंपर है। सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य 72 लाख मीट्रिक टन रखा है पिछले साल सरकार ने 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा था। इस साल गेहूं खरीद का लक्ष्य सरकार को बढ़ाना चाहिए था। सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के बजाय घटाकर दिया है जो किसान विरोधी सोच है।
बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा की मंडी व खरीद केंद्र पर अब तक 74 लाख मीट्रिक टन गेहूं आने के बावजूद उठान सिर्फ 13 लाख मीट्रिक टन हुआ है। गेहूं की खरीद, उठान व भुगतान न होने से किसान 19 दिनों से मंडियों में धक्के खा रहा है। मंडियों में गेहूं भरा पड़ा है। यहां तक की मंडियों के बाहर गेहूं से भरीं ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं।
बजरंग गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री का गेहूं खरीद की उठान व भुगतान 48 घंटे में करने के सभी दावे हवाहवाई सिद्ध हुए हैं। सरकार किसान व आढ़तियों के साथ पोर्टल-पोर्टल खेल रही है सरकार का पोर्टल चलता तक नहीं है। बजरंग गर्ग ने कहा कि 30 सालों से आढ़तियों का कमीशन 2.5 प्रतिशत है। सरकार ने आढ़तियों का कमीशन बढ़ाने के बजाय घटाने व खत्म करने का काम किया है।
बजरंग गर्ग ने कहा कि गेहूं खरीद का कमीशन 64 रुपये 62 पैसे बनता है लेकिन सरकार 55 रुपये दे रही है। सरसों का कमीशन 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.25 कर दिया है। कपास का कमीशन आढ़़तियों का सरकार ने खत्म कर दिया है जो सरासर गलत है। सरकार को हर अनाज खरीद पर पहले की तरह 2.5 प्रतिशत आढ़तियों को कमीशन देना चाहिए।
इस मौके पर व्यापार मंडल जिला प्रधान हीरालाल शर्मा, शहरी प्रधान कीर्ति गर्ग, महासचिव अश्विनी बांसल, प्रदेश सचिव सुधीर ललित, युवा संरक्षक संदीप मिढा, हिसार अनाज मंडी एसोसिएशन जिला प्रधान पवन गर्ग व अन्य मौजूद रहे।