सिरसा। लोकसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत में बड़े स्तर पर गिरावट दर्ज की गई है। इस बार सिरसा जिले की पांच विधानसभा में कुल 69.92 प्रतिशत मतदान हुआ है। अभी इसके और बढ़ने की उम्मीद हैं, क्योंकि खबर लिखे जाने तक सभी पोलिंग पार्टियां ईवीएम जमा करवाने नहीं पहुंच नहीं पहुंची थी। राजनीतिक के जानकारों के अनुसार मत प्रतिशत में गिरावट आना अलग अलग मायने दर्शाता है।
पिछली बार की मोदी लहर और तापमान के चलते बड़े स्तर पर लोगों ने मतदान किया था। सांसद सुनीता दुग्गल नया चेहरा होने पर लोगों की सोच भी बदली हुई थी, लेकिन इस बार मैदान में दो पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मैदान में उतरे थे। एक भाजपा से तो दूसरा कांग्रेस से मैदान में है। दोनों का कार्यकाल और व्यवहार जिले की जनता बेहतर तरीके से जानती थी। ऐसे में बड़े स्तर पर मतदाताओं ने मतदान में रूचि नहीं दिखाई।
अहम बात यह है कि कांग्रेस प्रत्याशी की पहले दिन से लहर होने के बाद भी मतदान प्रतिशत में उछाल देखने को नहीं मिला। रानियां में कांग्रेस प्रत्याशी को कुछ बढ़त मिलती नजर आ रही है। जिसका मुख्य कारण चौधरी रणजीत का अपने गढ़ को छोड़कर हिसार से लोकसभा चुनाव लड़ना। कालांवाली में आप और किसान आंदोलन का बड़े स्तर पर है। इसके बावजूद कालांवाली में मतदाता ने खुलकर विरोध नहीं जताया है। कालांवाली में करीब 5 प्रतिशत मतदान घटा है। हालांकि पिछली बार कालांवाली में मोदी लहर में कांग्रेस को अच्छा वोट मिला था।
डबवाली में कांटे का मुकाबला रह सकता है। ऐलनाबाद में इस बार कांग्रेस और भाजपा में कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। जहां पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल, पवन बैनीवाल व संतोष बैनीवाल जैसे नेताओं ने अपना दम दिखाया है। वहीं भाजपा से मीनू बैनीवाल और गोबिंद कांडा ने अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए दम दिखाया है। वहीं सिरसा शहर में कांडा बंधुओं का वर्चस्व का असर साफ देखने को मिलेगा। अबकी बार सबसे ज्यादा मतदान ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। पर पिछली बार से करीब 5 फीसदी कम है। जबकि सबसे कम सिरसा 62.5। यह पिछली बार से साढ़े 7 प्रतिशत कम है।
2019 2024
सिरसा 69.61 62.5
ऐलनाबाद 79.34 74.8
रानियां 78.89 71.5
डबवाली 76.09 70.4
कालांवाली 75.23 70.4
कुल 69.92
वर्ष 2024 के आंकड़े रात 9 बजे तक के हैं।