अलग कॉलेज की मांग पूरी करवाने के लिए राजकीय नेशनल महाविद्यालय सिरसा के गर्ल्स विंग परिसर में बृहस्पतिवार को काफी छात्राएं एएआईएसएफ के नेतृत्व में इकट्ठा हुई। इस दौरान छात्राओं ने कहा कि गर्ल्स विंग की इमारत काफी छोटी और जर्जर हालत में है। महिला विंग के नए कॉलेज का निर्माण यदि शीघ्र हो जाता है तो छात्राओं को सुविधा होगी।
राज्य में कई जगह सरकार ने महिला कॉलेज की स्थापना की है परंतु बार बार मांग करने के बावजूद सिरसा में महिला कॉलेज की मांग को अनदेखा किया जा रहा है। छात्राओं ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि यदि नए भवन का निर्माण जल्द से जल्द नहीं किया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगी।
कॉलेज में ही छात्राओं ने बीस छात्राओं पर आधारित एक कमेटी का गठन किया। इसमें पूर्णिमा, सृजन, नवनीत, शाइना, चेतना, मनप्रीत, आरती, ज्योति, मीनू, शिप्रा, अनिता, एकता, चरणजीत, रितू, प्रमोद, मिनाक्षी, पूनम, अंजू, कुसुम, पूजा, अनुपमा, अंजना छात्राएं शामिल हैं।
एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव रोशन सुचान ने कहा कि छात्राओं के लिए अलग से सरकारी कॉलेज बनाने की मांग केवल छात्राओं की ही नहीं बल्कि शहर के आसपास के गांवों की भी है। पिछले सात वर्षों से छात्राएं लगातार अपनी आवाज उठा रही हैं। प्रशासन और हरियाणा सरकार को इस मुद्दे पर कोई सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
कॉलेज की करीब एक हजार छात्राओं ने हस्ताक्ष्रयुक्त ज्ञापन सीएम और शिक्षामंत्री को भेजा है। इसमें छात्राओं ने बताया है कि महिला विंग में 1350 छात्राएं पढ़ रही हैं। 2007 से सरकार से नए कॉलेज की मांग छात्राएं लगातार कर रही है फिर भी उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द नए कॉलेज का निर्माण कराने के लिए अनुरोध किया है।
छात्राएं हॉस्टल की फीस बढ़ाने से भी नाराज हैं। छात्राओं ने इसके लिए कुछ दिन पहले डीसी का घेराव भी किया था, लेकिन अभी तक उनकी इस मांग को भी नहीं माना गया। छात्राओं ने कहा कि पहले हॉस्टल की फीस 3700 रुपये थी जो बढ़ाकर 11000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा मेस का खर्चा भी बढ़ाकर 1500 से 2000 रुपये कर दिया गया है। छात्राओं ने बढ़ी फीस वापस लेने की मांग की है।