अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की जांच के लिए पंचकूला से पहुंची विजिलेंस टीम, दस्तावेज की पड़ताल शुरू
अलग-अलग जेई से एक-एक घंटे तक ली जानकारी, दस्तावेज लेकर गए
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्टों की उठ रहीं शिकायतों के बाद पंचकूला से विजिलेंस की दो सदस्यीय विशेष टीम ने वीरवार को सिरसा नगर परिषद पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। दो सदस्यीय टीम ने शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और प्रोजेक्टों से संबंधित दस्तावेज की पड़ताल की। टीम ने अधिकारियों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ मौके का निरीक्षण भी किया। टीम के पहुंचने से नगर परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों में हलचल देखने को मिली।
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस की टीम ने नगर निकाय और संबंधित विभागों से जुड़े अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्टों की जांच के लिए सिरसा का दौरा किया। टीम ने करीब तीन से चार घंटे तक कनिष्ठ अभियंता से प्रोजेक्टों पर बातचीत की और निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
खासतौर पर रंगडी रोड पर तीन गलियों के किए गए निर्माण कार्य संबंधी दस्तावेज और उनके भुगतान पर जांच की गई। इन सड़कों की पूर्व में सीएम फ्लाइंग भी जांच कर चुकी है। जानकारी के अनुसार, इन सड़कों को बनाने से पहले ही ठेकेदार को पैसा जारी कर दिया गया था। उसके बाद यह मामला विवादों में आ गया और जांच का विषय बन गया।
इतना ही नहीं, कई दिनों से विवादों में बनी हुई ताऊ देवीलाल टाउनशिप से जुड़े दस्तावेज की भी जांच की। अधिकारियों से प्रोजेक्टों की स्वीकृति, निर्माण प्रक्रिया, नक्शे, कार्यों की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी पहलुओं से संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए। टीम अपने साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी लेकर गई है जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
विकास के प्रत्येक प्रोजेक्ट पर अब जांच का दायरा
यह पहला मौका नहीं है कि विजिलेंस की टीमें जांच कर रही हों। इससे पूर्व ऑटो मार्केट की सीसी की बनी करोड़ों रुपये की सड़क की जांच की गई मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदार का कुछ भुगतान रोक लिया गया और मामले को रफा-दफा कर दिया गया। आज उसी सड़क को तोड़कर बरसाती लाइन बिछाने का काम पूरा कर दिया गया। अब दोबारा इस सड़क को बनाने पर सरकार पैसा खर्च करेगी। इसी प्रकार बरसाती प्रोजेक्ट को लेकर भी विजिलेंस की टीम जांच करेगी। इसकी जांच भी पहले सीएम फ्लाइंग कर चुकी है।
विकास के प्रोजेक्टों की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं
शहर में विकास के प्रोजेक्टों को लेकर कभी भाजपा, कभी हलोपा तो कभी कांग्रेस पार्टी के पार्षद व नेतागण शिकायतें करते हुए नजर आ रहे हैं। पूर्व में पूर्व विधायक गोपाल कांडा, विधायक गोकुल सेतिया तक विकास कार्यों में धांधली के आरोप लगा चुके हैं। इतना ही नहीं, पत्र भी मुख्यमंत्री से लेकर निकाय मंत्री तक को भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा, भाजपा पार्षदों ने मुख्यमंत्री को लोक निर्माण विश्राम गृह में भी विकास कार्यों में धांधली की बात कही थी। इसी का परिणाम है कि अब विकास के प्रत्येक प्रोजेक्ट पर विजिलेंस और सीएम फ्लाइंग की नजर है।