फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: बरसाती लाइन प्रोजेक्ट की आज विजिलेंस करेगी जांच

Thu, 09 Jul 2026 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकायतों के बाद जांच के दायरे में आया 37 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी
बरसाती लाइन प्रोजेक्ट की आज विजिलेंस करेगी जांच सीएम फ्लाइंग की रिपोर्ट और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जांच के दायरे में आया 37 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट

फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। शहर में अमरुत योजना के तहत करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे बरसाती लाइन प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच अब विजिलेंस विभाग जांच करेगा। सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई और लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों के आधार पर विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। जांच टीम की ओर से शुक्रवार को प्रोजेक्ट से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
विज्ञापन

बरसाती लाइन प्रोजेक्ट की पिछले काफी समय से शिकायतें सामने आ रही थीं। नागरिकों और विभिन्न संगठनों की ओर से निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी खामियों और परियोजना में किए गए बदलावों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसी को देखते हुए सीएम फ्लाइंग की ओर से भी मामले की जांच की गई थी। अब उसकी रिपोर्ट और शिकायतों के आधार पर विजिलेंस विभाग ने जांच का कदम उठाया है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुमनलता की ओर से प्रोजेक्ट एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र के माध्यम से अधिकारियों को मौके पर उपस्थित रहने और परियोजना से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है।
इन पहलुओं की होगी जांच
पत्र के अनुसार जांच के दौरान प्रोजेक्ट की तकनीकी स्वीकृति, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कार्य की गति, मौके पर किए गए निर्माण और स्वीकृत नक्शे के अनुसार काम हुआ है या नहीं, सहित कई बिंदुओं की जांच की जाएगी। इसके अलावा, परियोजना के दौरान नक्शे में किए गए कथित बदलावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही इसकी गुणवत्ता की शिकायतें सामने आती रही हैं।
विज्ञापन

पहले सीएम फ्लाइंग कर चुकी है जांच
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया और परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया में भी बदलाव किए गए हैं। विजिलेंस जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि परियोजना में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। हालांकि, इससे पहले सीएम फ्लाइंग की जांच भी की गई थी। जांच के दौरान पाइपलाइन व उसके मैटीरियल की जांच की गई थी। सीएम फ्लाइंग की यह जांच आठ माह पहले हुई थी और उस समय शिकायतकर्ता के अनुसार ही सैंपल लिए गए थे। इनमें खामियां नहीं मिली थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें