सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में 14 नवंबर से नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में प्रदेश के 14 विश्वविद्यालयों के कुलपति भाग लेंगे। शिक्षक से गुरु तक विषय पर आयोजित सात दिवसीय इस कार्यशाला में कुलपति भारतीय विज्ञान एवं संस्कृति आधारित शिक्षा पद्धति के बारे में जानेंगे।
वहीं, इन विश्वविद्यालयों के कुलपति के साथ-साथ सीनियर प्रोफेसर व प्रोफेसर सहित कुल 60 शिक्षाविद भाग लेंगे। पहली बार सीडीएलयू में बुद्धिजीवियों का जमावड़ा लग रहा है, जो शिक्षा में बदलाव की दिशा में काम करेंगे। इसमें विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार सहित सात सीनियर प्रोफेसर व प्रोफेसर भाग लेंगे।
कार्यशाला 14 नवंबर से 21 नवंबर तक आयोजित होने जा रही है। इसमें भारत आधारित शिक्षा पद्धति की तैयारियां करवाई जाएगी। सात दिन में अलग-अलग विषयों पर प्रदेश के वक्ता आएंगे। इसमें भारतीय शिक्षक मॉडल प्रस्तुत किया जाएगा। एक अच्छा शिक्षक कैसे एक अच्छा गुरु बन सकता है और कैसे वह विश्वविद्यालय को आगे बढ़ा सकता है, इस पर मंथन होगा।
सीडीएलयू के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने बताया कि एक शिक्षक कैसे गुरु बनता है और गुरु बनने के साथ उसका धर्म क्या है और अपने शिष्यों को कैसे सही दिशा दिखानी है। भारतीय शिक्षक मॉडल को प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें राष्ट्रवादी शिक्षा पद्धति धर्म, भारतीय विज्ञान, भारतीय ज्ञान जैसे मुद्दों पर चर्चा होंगी। भारतीय विज्ञान को कैसे आज के समय में शिक्षा पद्धति के साथ जोड़कर शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाया जाए। सात दिनों तक शिक्षा प्रणाली पर मंथन चलेगा और भारतीय शिक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी।
ध्यान से लेकर योग तक का सत्र
इस कार्यशाला की शुरूआत अलसुबह ही हो जाएगी। सुबह साढ़े 6 बजे से पहला सत्र शुरू होगा। सर्वप्रथम योग करवाया जाएगा। इसके उपरांत ध्यान का सत्र चलेगा। शारीरिक स्फूर्ति के साथ मानसिक मजबूती दोनों का समावेश होगा। इसके बाद टैगोर सेमिनार हॉल में विषय आधारित सत्र होंगे।
इस प्रकार हैं सत्र के कुछ विषय
भारतीय अनुसंधान पद्धति
भारतीय लीडशिप
भारतीय विज्ञान तंत्र
भारत आधारित शिक्षा
राष्टवाद व धर्म आधारित ज्ञान
-
विवि प्रशासन की ओर से किए गए विशेष प्रबंधन
विवि प्रशासन की ओर से इस कार्यशाला के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। फैकल्टी हाउस में व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विश्राम गृह में भी शिक्षकों के लिए व्यवस्था की जाएगी। सात्विक भोजन की विशेष व्यवस्था रहेगी और भारतीय जीवन शैली आधारित भोजन करवाया जाएगा।