कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के अभिभावकों व रिश्तेदारों के साथ वीरवार को बाल संरक्षण व बाल कल्याण समिति के अधिकारियों ने वर्चुअल बैठक की। इसमें बच्चों के अभिभावकों व रिश्तेदारों से पूछा गया कि वो बच्चों की देख रेख करने में सक्षम है अथवा नहीं। हालांकि बैठक में मौजूद अधिकारियों ने इसकी मौखिक सहमति दी। अब 78 बच्चों के अभिभावकों व रिश्तेदारों से लिखित में गारंटी पत्र लिया जाएगा।
कोरोना की दूसरी स्टेज में 78 बच्चे अनाथ हो गए हैं। इन बच्चों के मां बाप में से एक की मौत हो गई है। जबकि चार बच्चों के मां और बाप दोनों की मौत हो चुकी है। वीरवार को बाल कल्याण समिति व बाल संरक्षण विभाग ने इन बच्चों के अभिभावकों व रिश्तेदारों से वर्चुअल मीटिंग की। वर्चुअल मीटिंग में अधिकारियों ने अभिभावकों से पूछा कि क्या आप बच्चों को रख रखाव करने में सक्षम है। यदि नहीं तो वे इन बच्चों की चाइल्ड केयर संस्थान में परवरिश करेंगे। हालांकि सभी ने बच्चों को पालन पोषण करने की मौखिक सहमति दी। अब बाल संरक्षण व बाल कल्याण समिति आंगनबाड़ी वर्कर के माध्यम से उसने लिखित में लेंगे।
स्वास्थ्य विभाग व नगर आयुक्त को लिखा पत्र : आंगनबाड़ी वर्कर द्वारा किए सर्वे के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिले में माता-पिता में किसी एक को खोने वाले 78 बच्चे मिले हैं। यह आंकड़ा बढ़ सकता है। दूसरा बाल संरक्षण व बाल कल्याण समिति ने सरकार के निर्देश पर पिछले वर्ष कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को भी इस सर्वे में शामिल करना है इसलिए बाल संरक्षण विभाग ने स्वास्थ्य विभाग व जिला नगर आयुक्त को कोविड संक्रमण से मरने वाले मृतकों का डाटा उपलब्ध करवाने की मांग की है ताकि डाटा के मिलान के साथ साथ जो केस रह गए है उन्हें भी शामिल किया जाए।
हमने बच्चों के अभिभावकों व रिश्तेदारों के साथ वर्चुअल मीटिंग की है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग व नगर आयुक्त से कोविड के मरने वाले लोगों का रिकार्ड मांगा है। वर्ष 2020 में कोरोना की पहली स्टेज में अनाथ हुए बच्चों को भी इस सर्वे में शामिल किया जाएगा।-गुरप्रीत कौर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी। सिरसा।