भाखड़ा की ब्रांच नहर में पातड़ा से खनौरी हेड तक करीब 72 घंटों की तलाश के बाद भी गोताखोर मलेरिया विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर देवेंद्र मोंगा की तलाश नहीं कर सके। वहीं, पुलिस व गोताखोरों के अनुसार अगले 48 घंटे में देवेंद्र का सुराग मिल सकता है। वीरवार को पंजाब के भरतगढ़ क्षेत्र तक पुलिस व परिजनों की मौजूदगी मे गोताखोरों ने उसकी तलाश की।
उल्लेखनीय है कि बीती 31 मई को देवेंद्र मोंगा ने फेसबुक पर लाइव आकर सुसाइड करने की बात कही थी। जिसके बाद उसकी कार पंजाब के रोपड़ के भरतगढ़ थाना क्षेत्र से बरामद हुई थी। दो पेज का सुसाइड नोट में देवेंद्र ने स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन व अकाउंट ब्रांच से जुड़े दो अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। वहीं, इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल ने बताया कि देवेंद्र मोंगा 19 से लेकर 29 मई तक छुट्टी पर था। उसने बीमार होने की बात कही थी परंतु कोई लीव अप्लीकेशन नहीं दी। उन्होंने बताया कि तीन जून तक उसे रिकार्ड पेश करना था। इसी बीच यह घटनाक्रम हो गया। उन्होंने कहा कि अभी तक विभाग के पास 85 लाख रुपये चालान वसूलने के दौरान जमा हुए हैं। कितनी चालान बुक थी और कितनी जमा हो चुकी थी, कितनी राशि बकाया है, इसकी जानकारी देवेंद्र मोंगा के ही पास है, वह स्टोर इंचार्ज था।
इस बीच भरतगढ़ चौकी इंचार्ज केवल सिंह का कहना है कि लापता देवेंद्र मोंगा का अभी तक कुछ नहीं पता चला। तलाश की जा रही है। अगले 48 घंटों में देवेंद्र को तलाशा जा सकता है।