वीरवार को शहर की बंसल कॉलोनी निवासी वर्षा कोरोना से हराकर अपने घर वापस आ गई। महिला को लेकर सिविल अस्पताल की एंबुलेंस जैसे ही साढ़े पांच बजे सिरसा पहुंची तो कॉलोनी के बाहर गली पर एसडीएम जयवीर यादव और पूर्व शिक्षा मंत्री जगदीश नेहरा ने उनका स्वागत किया। एसडीएम ने उन्हें ठीक होने पर बधाई दी और क्वारंटीन का पालन करने के लिए कहा। इसके बाद महिला घर पहुंच गई। महिला के घर पर पहुंचते ही दोनों बच्चों आठ साल के तारुष और पांच साल की अनाया ने उनका स्वागत किया। दोनों बच्चे अपने मां को स्वस्थ देखकर उनसे लिपट गए। गेट पर खड़े ससुर आर पी मक्कड़ भी अपनी बहू को स्वस्थ देखकर परमात्मा का शुक्र अदा किया। वर्षा अपने पति अमित मक्कड़ से मिली और इसके बाद दोनों बच्चे अपनी मां के साथ बातों में मशगूल हो गए। महिला के पड़ोसी अरुण मेहता और सरोज मेहता ने भी उनका हाल चाल पूछा और उन्हें शुभकामनाएं दी।
वर्षा ने वीरवार को रात को प्रथम तल पर रहने वाले अपनी सास आदर्श बाला और ससुर आर के मक्कड़ के साथ खाना खाया। सुसर आरपी मक्कड़ ने बताया कि बहू वर्षा ने घर आने के बाद रात को उसकी पसंद का खाने के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह आलू मटर खाना चाहती है। क्योंकि पीजीआई में मिलने वाला खाना इतना अच्छा नहीं था। तब ससुर ने कहा कि बुरा वक्त था बेटा कट गया। तभी उनकी पत्नी आदर्श बाला ने उसकी पसंदीदा की सब्जी बनाने की बात कही। तब वर्षा ने आलू मटर की इच्छा जताई। रात करीब साढ़े सात बजे वर्षा ने अपने पति, सास ससुर और दोनों बच्चों के साथ प्रथम तल पर खाना खाया।
बहादुरगढ़ के एक पुलिसवाले का अहसान मंद रहेंगे पूरी जिंदगी
ससुर आरपी मक्कड़ ने बताया कि बहू ने बताया कि पीजीआई में जो खाना मिलता था, वह ठीक ठाक था। तब हमें हमारा एक परिचित पुलिस का सिपाही मिल गया। वह बहादुरगढ़ से रोहतक ड्यूटी पर आता था। वह हमें मिला तो उसने अपने घर से बहू के लिए खाना लेकर आने की इच्छा जताई। तब वह रोहतक ड्यूटी पर आते हुए अपने साथ खाना लेकर आता। वर्षा को जिस चीज की भी जरूरत होती वह बहादुरगढ़ से लेकर आ जाता। उस भले इंसान का हम पूरी जिंदगी अहसान मंद रहेंगे।
14 अप्रैल को पहुंचे थे बच्चे
बतां दे कि 30 मार्च को महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। महिला को पीजीआई रोहतक में आइसोलेट किया गया। दोनों बच्चों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। दोनों बच्चों भी स्वस्थ होकर 14 अप्रैल को घर पहुंच गए। उसी दिन बाकी परिवार के सदस्य भी होम क्वारंटीन कर दिए गए थे।
महिला को लाने के लिए एंबुलेंस भेजी गई थी। महिला घर पर आ गई है और पूरे परिवार के साथ है।
-डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।