ऐलनाबाद में बारिश व तूफान के बाद खेत में गिरी धान की फसल।
ऐलनाबाद। दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। क्षेत्र में हुई तेज़ बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी पकी हुई धान, नरमा और बाजरे की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। एक ओर कटाई के लिए तैयार फसलें खेतों में गिर गई हैं, वहीं कई जगहों पर जलभराव से फसलें सड़ने लगी हैं। किसानों ने कहा कि बेमौसम बरसात से फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और अब फसल का नुकसान देख चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। किसानों ने हरियाणा सरकार से बारिश के कारण खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग की है।
तेज हवा व बारिश से फसलों को नुकसान : डिंग क्षेत्र में रविवार देर शाम को आई तेज हवा और बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। क्षेत्र में नरमा, धान और मूंगफली की फसलें पकने के अंतिम दौर में हैं। धान की कटाई और नरमा की चुगाई का कार्य जारी था। अचानक आई तेज हवा व बरसात से खेतों में खड़ी फसलें झुक गईं, जिससे उसमें नुकसान होना स्वभाविक है। बरसात से धान की फसल गिरने से कटाई में दिक्कतें आएंगी, वहीं नरमा की गीली चुनाई से कपास की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। मूंगफली की फसल पर भी नमी से सड़न की आशंका बढ़ गई है।
गांव शेरपुरा के किसान रामपाल जलंधरा ने बताया कि खरीफ फसलों में मूंगफली, ग्वार और बाजरा की कटाई व कढ़ाई लगभग पूरी हो चुकी है, मात्र दस प्रतिशत फसल शेष है। हालांकि, इस समय की बरसात से जहां खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है।