- लेंटर लगाने के दौरान बरती लापरवाही, बिना पिलर के बनाया जा रहा शौचालय
फोटो 43, 44
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नागरिक अस्पताल में डी प्लान के पैसे से शौचालय बनाए जा रहे हैं। मंगलवार को शौचालय निर्माण के दौरान जैसे ही छत का लेंटर डालकर मजदूर हटे तभी एक हिस्से का लेंटर गिर गया। लेंटर के नीचे सपोर्ट के लिए लगाई गई बल्ली टूट गई। ऐसे में एक हिस्सा पूरा तरह से गिर गया। गनीमत रही कि कोई मजदूर उस दौरान उसके नीचे नहीं था।
इस घटना के बाद नागरिक अस्पताल प्रशासन ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को इस लापरवाही के लिए सूचित किया। अधिकारियों ने ठेकेदार को फटकार को लगाई। हैरानी की बात है कि लेंटर डालने की प्रक्रिया के दौरान पंचायती राज विभाग के जेई स्तर के अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। ठेकेदार के स्तर पर सारा काम चल रहा था। नियमानुसार जेई को लेंटर डालने के समय पर मौके पर होना चाहिए।
बिना पिलर के बना दिए गए हैं शौचालय
नशा मुक्ति उपचार केंद्र व पोस्टमार्टम हाउस के बीच में पार्किंग के साथ इस शौचालय का निर्माण किया जा रहा था। शौचालय निर्माण की ड्राइंग के अंदर ही पिलर सिस्टम को नहीं लिया गया है। ठेकेदार व विभाग के अधिकारियों की मानें तो बिना पिलर सिस्टम के भी शौचालय बन सकता है। उसे तकनीकी रूप से सही बनाया जाए।
ऐसे हालात तब हैं जब बीएंडआर से लेकर नगर परिषद तक पिलर सिस्टम से शौचालय बनाते हैं ताकि वे मजबूत रहें। छत पूरी तरह से दीवारों और पिलर पर टिकी रहे। लेकिन डी प्लान के इस काम में अनियमितताएं बरतते हुए ग्रामीण तरीके से शौचालय का निर्माण किया गया और परिणामस्वरूप मंगलवार को शौचालय की छत गिर गई।
दो शौचालयों का किया गया है निर्माण
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों को सुविधाओं की जरूरत होती है। वह तकनीकी रूप से ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। यही कारण है कि ठेकेदार व अधिकारी अपने स्तर पर ही गुणवत्ता का ध्यान रखे बिना निर्माण कार्य कर देते हैं। बिना पिलर सिस्टम के नागरिक अस्पताल में दो शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। डी प्लान में ज्यादा जांच नहीं होने के कारण इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है। इतना ही नहीं, डी प्लान के पैसे में बड़े स्तर पर शहर में हुए कार्यों में लापरवाही बरती गई है।
कोट़स
छत पर लेंटर डालने के दौरान अचानक छत गिर गई है। लेंटर के नीचे लगाया गया सपोर्ट टूटने के कारण यह हुआ है। इसे दोबारा बनाया जाएगा। इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। किस स्तर पर लापरवाही बरती गई है, उसकी जांच की जाएगी।
-मुकेश कुमार, जेई, पंचायत राज विभाग