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एक जुलाई से होंगी सीडीएलयू के अधीन कॉलेजों में यूजी और पीजी की परीक्षाएं

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UG and PG exam from one july - फोटो : Sirsa
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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में परीक्षाओं के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह सोलंकी को सौंप दी है और इसके उपरांत विश्वविद्यालय प्रशासन ने 1 जुलाई से स्नातक और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय में पहले पढ़ रहे विद्यार्थियों का आगामी शैक्षणिक स्तर 1 अगस्त 2020 से प्रारंभ हो जाएगा। जबकि दाखिला प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत पहले सेमेस्टर की कक्षाएं 1 सितंबर 2020 से प्रारंभ होगी। एकेडमिक कलेंडर 2019-20 के ग्रीष्म कालीन अवकाश समय में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह सोलंकी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते परीक्षाओं के तिथि निर्धारित करने, आगामी शैक्षणिक स्तर का एकेडमिक कलेंडर निर्धारित करने और विश्वविद्यालय और इससे संबंधित महाविद्यालयों में नए पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने की तिथि निर्धारित करने के उद्देश्य से डीन फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट प्रो. सुल्तान सिंह की कंवीनरशिप में 9 सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। विभिन्न संकायों के डीन और विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य इस कमेटी के सदस्य थे। इस कमेटी की अनुशंसा पर विश्वविद्यालय के यूजी, पीजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की ऑफलाइन परीक्षाएं करवाने का फैसला लिया गया है।
इसके उपरांत विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुल्तान सिंह ने परीक्षाओं के शेड्यूल की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यूजी और पीजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल एग्जाम डिपार्टमेंट और कॉलेज स्तर पर 21 जून से लेकर 30 जून तक 15 से 20 विद्यार्थियों के अलग-अलग समूह बनाकर करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार 1 जुलाई से प्रारंभ होने वाले यूजी और पीजी के फाइनल सेमेस्टर और फाइनल ईयर की परीक्षाएं भी प्रात: कालीन और सांय कालीन सत्र में करवाई जाएंगी। फाइनल ईयर के इन्हीं सेमेस्टरों में यदि किसी बच्चे की रिअपीयर है और उसने परीक्षा फॉर्म भर रखे हैं तो वे बच्चे भी परीक्षाएं दे पाएंगे। हिंदी और इंग्लिश जैसे कंपलसरी विषयों के अंदर विद्यार्थियों को ऑड और इवन रोल नंबर के हिसाब से विभाजित किया जाएगा और अलग-अलग स्तरों में इनकी परीक्षाएं होंगी ताकि सामाजिक दूरी के नियम की अनुपालना की जा सके।
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प्रो सुल्तान सिंह ने आगे बताया कि जिन विद्यार्थियों को दूसरे चौथे और छठे सेमेस्टर के दौरान इंटर्नशिप ट्रेनिंग या प्रोजेक्ट रिपोर्ट करनी थी। वह अब ऑनलाइन मोड के माध्यम से 2 या 3 सप्ताह की ट्रेनिंग अपने टीचर्स के माध्यम से कर सकेंगे। 20 जुलाई से पहले संबंधित विभाग के अध्यक्ष और कॉलेज प्रधानाचार्य को ट्रेनिंग प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अंक विश्वविद्यालय के वेब पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। विद्यार्थियों के इंटरनल असेसमेंट के अंक 30 जून से पहले विभाग और कॉलेज को यूनिवर्सिटी के वेब पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
शोध कार्य जमा करवाने की तिथि बढ़ाई
जो शोधार्थी पीएचडी का कार्य कर रहे थे और शोध कार्य जमा करवाने की तिथि लॉकडाउन पीरियड के अंदर पड़ती थी तो उनके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूजीसी की गाइडलाइन की अनुपालना करते हुए 30 सितंबर 2020 तक शोध कार्य जमा करवाने की तिथि को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग में महाविद्यालय द्वारा परीक्षा फॉर्म जमा नहीं किए गए हैं तो वह भी 10 जून तक बगैर किसी लेट फीस के परीक्षा फॉर्म जमा करवा सकते हैं। प्रश्नपत्र के पैटर्न के अंदर भी चेंज किया गया है। अब विद्यार्थियों को किन्ही पांच प्रश्नों के विस्तृत उत्तर देने होंगे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ डिस्टेंस लर्निंग की परीक्षाएं जो लॉकडाउन के चलते स्थगित करनी पड़ी थी उन विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएं एमएड रेगुलर के पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं के साथ 15 जून से 30 जून के बीच में करवा ली जाएंगी। डिस्टेंस की वार्षिक परीक्षाएं सितंबर माह में करवाई जानी प्रस्तावित है। इंटरमीडिएट सेमेस्टर स्नातक के दूसरे और चौथे और स्नातकोत्तर के दूसरे और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं 1 सितंबर से प्रारंभ करवाई जाएंगी। परीक्षाओं के दौरान मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देश अनुसार एक कमरे में 20 परीक्षार्थी बैठ पाएंगे।
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