सिरसा। युवक पर तेजधार हथियार से हमला करने वाले आरोपी युवक को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए दो साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी गुरविंदर सिंह उर्फ चिंटू के अधिवक्ता ने न्यायालय से कहा कि दोषी अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला है। इसलिए सजा में नरम रुख अपनाने का अनुरोध किया जाता है।
इसके बाद लोक अभियोजक ने न्यायाधीश गगनदीप गोयल से कहा कि दोषी किसी भी प्रकार की रियायत का पात्र नहीं है। नरम रुख अपनाने से दोषी और अन्य असामाजिक तत्वों को प्रोत्साहन मिल सकता है। इसलिए दोषी को अधिकतम कारावास की सजा दी जाए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मेरी यह सुविचारित राय है कि सजा सुनाने के मामले में न्यायालय का न्यायिक विवेक इस सिद्धांत पर आधारित है कि सजा अपराध की गंभीरता के अनुरूप होनी चाहिए। साथ ही गंभीर और कम करने वाली परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
न्यायालयों से अपेक्षा की जाती है कि वे सजा देने की प्रणाली को सही ढंग से संचालित करें और सिद्ध अपराध के लिए ऐसी सजा दें, जो भविष्य में दूसरों की ओर से इसी तरह के अपराध करने के लिए निवारक का काम करे। सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दोषी गुरविंदर उर्फ चिंटू दो साल कैद की सजा सुनाई जाती है।
स्कूल के बाहर किया था हमला
मामले के अनुसार, सिरसा निवासी गौतम 9 जुलाई 2019 को एमसी कॉलोनी में भारत सैनिक स्कूल के बाहर खड़ा था। इसी दौरान गुरविंदर उर्फ चिंटू ने उस पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। इससे उसके चेहरे पर गंभीर चोट आई। राहगीरों ने उसे बचाया। इसके बाद उसे नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया गया। घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस घायल गौतम का बयान दर्ज कर आरोपी गुरविंदर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। बुधवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश गगनदीप गोयल ने गुरविंदर निवासी सिरसा को दो साल कैद की सजा सुना दी।