फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

82 गांवों के 553 किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन के आवेदन पांच साल बाद रद्द

विज्ञापन
टयूबवेल की फाइल फोटो - फोटो : Sirsa
विज्ञापन
बिजली निगम ने पांच साल बाद डार्क जोन क्षेत्र के किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन रद्द कर दिए हैं। ये किसान 2014 में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किए थे। इस संबंध में बिजली निगम ने किसानों को नोटिस भी जारी कर दिए हैं कि वे अपनी सिक्योरिटी राशि निकलवा सकते हैं। ऐसे में ठीक सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले डार्क जोन के किसानों को झटका दे दिया है।
विज्ञापन

हरियाणा सरकार ने 2009 में सिरसा के रानियां तहसील और ऐलनाबाद उपमंडल को डार्क जोन घोषित कर दिया था। यह क्षेत्र धान उत्पादक क्षेत्र है। भूमिगत जल स्तर नीचे जाने के कारण बिजली निगम ने कुछ दिनों पहले रानियां और ऐलनाबाद उपमंडल के किसानों के आवेदनों को रद्द कर दिया। किसानों को भेजे गए नोटिस में लिखा है कि डार्क जोन में होने के कारण आपके कनेक्शन रद्द किए जाते हैं और आप अपनी जमा करवाई गई सिक्योरिटी राशि कभी भी वापस ले सकते हैं। रानियां सब डिवीजन के अधीन करीब 82 गांवों के 553 किसानों के आवेदन रद्द हुए हैं। रानियां शहर में नया ट्यूबवेल कनेक्शन लेने पर प्रतिबंध है। वहीं ऐलनाबाद क्षेत्र के करीब 500 किसानों के नए ट्यूबवेल कनेक्शन के आवेदन रद्द हुए हैं। किसानों ने दस किलोवाट के कनेक्शन के लिए करीब 2200 रुपये और बीस किलोवाट कनेक्शन के लिए करीब 4500 रुपये सिक्योरिटी राशि जमा करवाई थी।
किसानों में निगम के निर्णय के प्रति रोष
किसान जसबीर सिंह, राजिंद्र सिंह, जसंवत सिंह, सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के फैसले से किसान खफा हैं और किसान यूनियन भी अब इस मसले पर संघर्ष करने का ऐलान करने को तैयार है। चुनाव से पहले मुख्यमंत्री केे रानियां आगमन के दौरान मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया था कि रानियां को डार्क जोन से बाहर किया जाए। किसानों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री इस समस्या पर गंभीरता दिखाएंगे और किसानों की सबसे बड़ी समस्या का हल करेंगे। क्योंकि किसानों को न तो नए कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं और न ही पुराने कनेक्शन के लोड बढ़ाए जा रहे हैं ताकि सबमर्सिबल पंप बड़ी पावर की डाल सकें। लेकिन अब डार्क जोन को छोड़कर बाकी जगहों पर नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाने से किसानों को निराशा ही हाथ लगी है।
विज्ञापन

दिसंबर 2018 में खोले थे कनेक्शन, लेकिन रानियां और ऐलनाबाद को रखा गया बाहर
हरियाणा सरकार ने दिसंबर 2018 में कनेक्शन के लिए आवेदन मांगे थे। जिले से करीब दस हजार किसानों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किए थे। लेकिन रानियां और ऐलनाबाद के किसानों को इससे बाहर रखा गया। इसलिए इन क्षेत्रों के किसान आवेदन नहीं कर पाए। लेकिन दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के नए फैसले ने पहले से आवेदन किए किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन रद्द करके उनके जले पर नमक छिड़क दिया है।
रानियां में 80 हजार तो ऐलनाबाद में होती है 42 हजार एकड़ में धान की खेती
रानियां क्षेत्र में करीब 1 लाख 46 हजार एकड़ का रकबा है जिसमें सेे करीब 80 हजार एकड़ में धान रोपाई व अन्य में कपास, नरमा, सब्जी व अन्य फसलें उगाई जाती हैं। प्रत्येक फसल के लिए पानी की आवश्यकता होती है। क्षेत्र में सिंचाई का मुख्य साधन ट्यूबवेल ही है। क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए बरसात के अलावा घग्गर नदी पर निर्भर हैं।
विज्ञापन

डार्क जोन के किसानों के पुराने आवेदनों को रद्द कर दिया गया है। किसानों को सिक्योरिटी राशि भी रिफंड कर दी जाएगी।
-गुलशन वधवा, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम सिरसा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें