फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिविल अस्पताल में बना ट्राई ऐज, एंबुलेंस सेवा को किया अलर्ट

विज्ञापन
सिविल अस्पताल को सेनिटाइज करता कर्मचारी। - फोटो : Sirsa
विज्ञापन
जनता कर्फ्यूू को लेकर पूरे जिले में सन्नाटा रहा, कर्फ्यू के चलते कोरोना वायरस से सतर्कता से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सजग रहा। स्वास्थ्य विभाग ने आपात स्थिति को देखते हुए सभी निजी अस्पतालों को आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी व्यवस्था के निर्देश दिए हुए हैं। सिविल अस्पताल में ट्राई ऐज बनाया गया है, जो मरीजों को बीमारी के अनुसार इलाज के लिए डॉक्टर के पास भेजेंगे। वहीं अस्पताल में चार वॉस बेसिन भी लगाए जो रहे हैं, जिससे आने वाले मरीज अपने हाथ धोकर ही अस्पताल में दाखिल हो सकेंगे। मरीजों तथा परिजनों के सख्ती भरे रवैये से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस बल की भी सहायता मांगी है। विभाग अभी भी एक नागरिक के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन

जनता कर्फ्यू को लेकर स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते हुए जिले तथा शहर के सभी निजी अस्पतालों को सजग कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने सभी अस्पतालों की एंबुलेंस, सीएनजी, मास्क, सैनिटाइजर तथा पीपी किट तैयार रखें। जिले में कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल सिरसा में एक ट्राई ऐज भी बना दिया है। जहां से अस्पताल में आने वाले मरीजों को पहले तो पूछा जाएगा कि वह किस काम से आया है। जिसके बाद अगर वह मरीज है तो उसे उस अनुसार वार्ड में भेज दिया जाएगा। इस दौरान केवल आपात काल तथा फ्लू ओपीडी में ही मरीजों की जांच की जाएगी। इसके अलावा कोई भी अन्य ओपीडी के मरीज अस्पताल में नहीं आ सकते। वहीं स्वास्थ्य विभाग ट्राई ऐज के पास ही चार वॉस बेसिन का प्रबंध करने में जुटा हुआ है। ट्राई ऐज में कुल तीन स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी जो दिन रात काम करेंगे। ऐसे ही फ्लूू ओपीडी में काम करने वाले डॉक्टर तथा कर्मचारी की ड्यूटी भी 24 घंटे कर दी है। तीन शिफ्ट में कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है।
15 निजी एंबुलेंस अलर्ट पर
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के निजी अस्पताल की 15 एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की खुद की 22 एंबुलेंस भी अलर्ट पर रखी गई है। विभाग ने एंबुलेंस संचालकों को बताया गया है कि उनकी एंबुलेंस जहां खड़ी है वहीं खड़ी रहे। जब भी उनको कोई कॉल आएगी तो एक फोन में उन्हें जाना होगा। जो हर समय अलर्ट पर रहें।
विज्ञापन

पुलिस बल की हुई मांग
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके दहिया ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीज तथा उनके साथ आ रहे परिजन को जब इस बारे में बताया जाता है तो वह डॉक्टरों अथवा कर्मचारियों पर तैश में आ जाते हैं, जिस कारण स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस अधीक्षक से सिविल अस्पताल में पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
अभी एक सैंपल का और इंतजार
स्वास्थ्य विभाग ने एक आशंकित को आइसोलेशन वार्ड में रखा है। जिसका सैपल विभाग ने शनिवार की रात को ही लैब में भेज दिया था। लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। सिविल अस्पताल को सैनिटाइज किया जा रहा है। नगर परिषद के कर्मचारी अस्पताल को सैनिटाइज करने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन

कॉट्स--
निजी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। इसके साथ ही अगर निजी अस्पताल में कोई भी दवाई या कुछ भी जरूरत है तो वह हमें बताएं हम वहां उपलब्ध करवाएंगे।
--डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।

सिविल अस्पताल में टेट लगाते कर्मचारी।- फोटो : Sirsa

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें