संवाद न्यूज एजेंसी
ओढां (सिरसा)। राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-9 पर गांव चोरमार खेड़ा के पास शुक्रवार रात तेज रफ्तार एक ट्रक ने पैदल जा रहे पांच लोगों में से चार को चपेट में ले लिया। दुर्घटना में मासूम बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला व उसका बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों मृतक रिश्ते में मामा-भांजा थे। सभी लोग राजस्थान में एक धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए जा रहे थे।
गांव साहुवाला प्रथम निवासी जसवीर सिंह शुक्रवार देर रात्रि अपनी पत्नी सुमन, दो मासूम बच्चों शंकर (8) व साहिल (5) तथा अपने मुंहबोले साले सुखवीर सिंह (23) निवासी गांव कर्मगढ़ के साथ मोटरसाइकिल से राजस्थान में अपने ससुराल जाने के लिए डबवाली रेलवे स्टेशन के लिए निकला था। पांचों लोग एक मोटरसाइकिल पर सवार थे। रास्ते में हाईवे पर गांव चोरमार खेड़ा के निकट मोटरसाइकिल में पेट्रोल खत्म हो गया। इसके चलते वे पैदल ही जाने लगे। दोनों बच्चे शंकर व साहिल मोटरसाइकिल पर बैठे थे, जबकि सुखवीर व सुमन मोटरसाइकिल को धकेल रहे थे। जसवीर मोटरसाइकिल से कुछ दूरी पर बैग व अन्य सामान लेकर चल रहा था।
पेट्रोल पंप के पास पहुंचे तो नहर पुल के पास पीछे से सिरसा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार एक ट्रक ने चारों लोगों को मोटरसाइकिल सहित चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में सुखवीर व मासूम शंकर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, सुमन व साहिल गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया।
हाईवे पर जसवीर चीखता रहा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की
इस दुर्घटना के बाद जसवीर हाईवे पर वाहन चालकों से मदद मांगने के लिए चीखता रहा, लेकिन किसी ने वाहन नहीं रोका। इस दौरान पुलिस की डायल 112 गाड़ी मौके पर आई। पुलिसकर्मियों ने घायलों को गाड़ी में डालकर ओढां सीएचसी में पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सुमन व उसके बेटे साहिल को गंभीर चोटें लगने के चलते सिरसा रेफर कर दिया गया। सूचना के बाद मृतक के परिजन व ससुराल पक्ष से लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जसवीर सिंह के बयान पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ओढां पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भिजवाया।
घर में धार्मिक कार्यक्रम के चलते विजय सिंह ने अपनी बेटी व दामाद को बुलाया था
ओढां। गांव चोरमार खेड़ा के पास शुक्रवार रात्रि सड़क दुर्घटना का शिकार हुए चारों लोग राजस्थान में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना था। सभी खुशी से घर से निकले थे। सभी रिश्तेदारों को डबवाली रेलवे स्टेशन पर एकत्रित होना था और वहां से गंगानगर जाना था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। हादसे के बाद तीनों घरों में मातम पसरा हुआ है।
6-एस चक, जिला गंगानगर निवासी विजय ने शनिवार को अपने घर में जागरण रखा हुआ था। इसके लिए उसने गांव साहुवाला प्रथम में विवाहित बेटी सुमन व दामाद जसवीर सिंह को बुलाया था। विजय सिंह स्वयं पंजाब में विवाहित अपनी दो बहनों को लेने के लिए गया हुआ था। विजय सिंह अपनी दोनों बहनें, जीजा व एक भांजा के साथ करीब सवा 11 बजे की ट्रेन से डबवाली रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाला था। उसने अपनी बेटी सुमन व दामाद को फोन कर कह दिया था, कि वे सभी सवा 11 बजे डबवाली रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाएं। वही से सभी इकट्ठे हो कर राजस्थान चलेंगे।
इसके लिए सुमन अपने पति जसवीर सिंह, बेटे साहिल व शंकर तथा अपने धर्म भाई सुखवीर निवासी कर्मगढ़ के साथ बाइक पर करीब 10 बजे साहुवाला प्रथम से डबवाली रेलवे स्टेशन के लिए निकल गई थी। गांव चोरमार खेड़ा के पास मोटरसाइकिल का पेट्रोल खत्म हो गया। इसके बाद सभी लोग बाइक को धकेलते हुए पैदल चलने लगे। सुमन का पति जसवीर सिंह उनसे थोड़ा पीछे था। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने सुमन, सुखवीर, शंकर व साहिल को मोटरसाइकिल सहित चपेट में ले लिया। संवाद
सिरसा में पल्लेदारी करता था सुखवीर, तीन साल पहले हुई थी शादी
मृतक सुखवीर के पिता मिट्ठू निवासी गांव कर्मगढ़ ने बताया कि उसका बेटा सिरसा में पल्लेदारी का काम करता था। शुक्रवार को सुखवीर ने उसे कहा था कि वह सुमन के ससुराल जागरण में जा रहा है। सुखवीर देर सायं साढ़े 7 बजे घर से निकल गया था। इसके बाद उसे उसकी मौत की खबर मिली। सुखवीर के चचेरे भाइयों के मुताबिक वह अपने चाचा के साथ भिवानी में तूड़े की ट्राॅली खाली करने गया हुआ था। यहां से वहां यह कहकर बस से आ गया कि वह सुमन के मायके जाने वाला है। सुखवीर की तीन साल पहले शादी हुई थी, लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं था।
दो वर्षों बाद परिवार ने होना था इकट्ठा
विजय सिंह ने बताया कि उसकी बेटी सुमन करीब दो वर्ष बाद अपने पति के साथ मायके आ रही थी। वह पिछले चार दिन से सुमन को फोन कर रहा था कि जरूर आना है। सुमन अपने पति, धर्म के भाई व दोनों बच्चों के साथ उत्साह के साथ घर से निकली थी। विजय सिंह के घर में खुशी का माहौल था कि काफी लंबे समय बाद पूरा परिवार इकट्ठा होगा। वह अपनी बहनों को भी पंजाब से लेने गया था, लेकिन उसे क्या पता था कि ये अनहोनी हो जाएगी।
दुर्घटना के बाद थाने में उपस्थित परिजन। संवाद