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- सीडीएलयू के युवा महोत्सव के तीसरे दिन हरियाणवी संस्कृति से पश्चिमी संगीत तक सजी महफिल
- नाटक-मिमिक्री और भाषण प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में 13वें त्रिवेणी युवा महोत्सव का मंगलवार को तीसरा दिन रहा। इस दिन परिसर में कला, संस्कृति और युवा प्रतिभा के अनेक रंग देखने को मिले। विद्यार्थियों ने हरियाणवी लोकगीतों, पश्चिमी संगीत और अभिनय का हुनर दिखाया।
उन्होंने रंगोली, पोस्टर, भाषण और प्रश्नोत्तरी में भी अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। दिन की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। युवा कल्याण निदेशक मंजू नेहरा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर सुरेंद्र सिंह और कल्चरल कोऑर्डिनेटर रणजीत कौर मौजूद रहे।
ब्रह्मजीत सिंह और सहायक युवा कल्याण निदेशक राजेश छिकारा भी उपस्थित थे। विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल के सदस्य भी शामिल हुए।
मंजू नेहरा ने बताया कि मुख्य मंच एमपी हॉल में हरियाणवी समूहगान, मिमिक्री और वन एक्ट प्ले प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समूहगान में विद्यार्थियों ने हरियाणवी संगीत परंपरा को स्वर दिया। मिमिक्री और एकांकी में अभिनय तथा संवाद अदायगी का प्रदर्शन किया गया।
हरियाणवी संस्कृति का प्रदर्शन
हरियाणवी लोकगीतों और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों में प्रदेश की संस्कृति की झलक दिखाई दी। प्रतिभागियों ने जय हरियाणा और सूरज ढल गया, अंबर में छाई लाली जैसे गीतों पर प्रस्तुतियां दीं। दामण, कुर्ती, चुनरी और पारंपरिक आभूषणों से सजे कलाकारों ने लोकनृत्य किया। उन्होंने ग्रामीण जीवन, तीज-त्योहारों और लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत किया। ढोलक और नगाड़ों की थाप के बीच प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
गायन प्रतियोगिताएं आयोजित
ऑडिटोरियम में पश्चिमी एकल गायन, पश्चिमी एकल वादन और पश्चिमी समूहगान प्रतियोगिताएं हुईं। सामान्य लोकगीत एकल गायन भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने गायन और वादन के जरिये अपनी संगीत प्रतिभा दिखाई। पश्चिमी संगीत की आधुनिक धुनें और लोकगीतों की पारंपरिक मिठास ने महोत्सव के संगीत पक्ष को विविधता दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच गायक वरिंदर संधू ने भी अपनी गायकी से श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने विजे मावां दे और वे कावां वे, सुन कावां जैसे गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति में लोकसंगीत का रंग देखने को मिला।
हिंदी-अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिताएं
सीवी रमन भवन के सेमिनार हॉल में हिंदी और अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। प्रश्नोत्तरी का प्रारंभिक चरण भी यहीं आयोजित किया गया। भाषण में विद्यार्थियों ने अपने विचार और तर्क प्रस्तुत किए। प्रश्नोत्तरी में सामान्य ज्ञान और विषयों की समझ परखी गई। यूआईटीडीसी भवन में पोस्टर मेकिंग और रंगोली प्रतियोगिताएं हुईं। विद्यार्थियों ने रंगों, रेखाओं और अलग-अलग रचनात्मक अवधारणाओं के जरिये अपनी कल्पनाशीलता दिखाई।