धुंध में सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात पुलिस ने कमर कस ली है। ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना शुरू कर दिया है। ताकि एक-दूसरे वाहन चालक अपने आगे जाने वाले वाहन को दूर से ही देख सकें।
यातायात थाना प्रभारी ऑटो चालकों सहित अन्य दो पहिया वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में लगातार जानकारी दे रहे हैं।
उन्होंने कहना है कि सर्दी के मौसम में धुंध होने की वजह से सड़क हादसे बढ़ जाती है, क्योंकि वाहन चालक को कई बार अपने आगे चल रहे वाहन चालक को वाहन दिखाई नहीं देता, क्योंकि उन पर रिफ्लेक्टर नहीं लगे होते जिस कारण सड़क हादसा हो जाता है।
सिरसा की सड़कों पर हर वर्ष सड़क हादसों में करीब 400 लोग की मौत हो जाति है। इन हादसों में अधिकतर हादसे सर्दी के मौसम में होते हैं। वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष सर्द मौसम में सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जाता है।
सड़कों के डेथ प्वांइट
जिले की सड़कों पर यातायात पुलिस ने डेथ प्वाइंट निर्धारित किए हैं।
इनमें खुईयां मलकाना, डबवाली मोड, चोरमार, साहूवाला पेट्रोल पंप के पास, पंजुआना नहर पुल, खैरेकां हनुमान मंदिर, पेट्रोल पंप, वायुसेना केंद्र, डबवाली बाईपास रोड, सांगवान चौक, दिल्ली पुल, जेल के पास, बाजेकां मोड़, सिकंदरपुर मोड, मोरीवाला, डिंग मोड़ शामिल है।
यहां पर चेतावनी सूचक संदेश बोर्ड लगाया गया है।
कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेगा रेलवे
उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से कोहरे की अधिकता के समय आठ जनवरी सेे 29 फरवरी 2016 तक अजमेर-अमृतसर-अजमेर एक्सप्रेस को रद्द कर दिया है।
कोहरे की अधिकता वाले रेल खंडों के कर्मचारियों को रेलवे विभाग ने विशेष प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया है। स्टेशन अधिकारियों का कहना है कि इन मार्गों पर सुरक्षा को देखते हुए विशेष प्रबंध व सावधानी बरतने को कहा है।
अगर कोहरे की अधिकता ज्यादा हो तो गाड़ी का संचालन बंद करने को भी कहा गया है। कोहरे की अधिकता के दौरान रेलगाड़ियों की अधिकतम गति 60 किलो मीटर प्रति घंटा अथवा लोको पायलेट के विवेक पर और भी कम करने को कहा गया है।
उत्तर भारत में सर्दियों के मौसम में कोहरे की अधिकता के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर जयपुर एवं बीकानेर मंडल के जयपुर-रेवाड़ी तथा रेवाड़ी-भटिंडा रेल खंड रहते हैं।
रेल सेेवाओं के सुरक्षित संचालन के लिये रेलवे ने अतिरिक्त प्रबंध किए हैं। नियमित पेट्रोलिंग एवं कर्मचारियों व अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।