सिरसा/ बड़ागुढां। डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा की गाड़ी पर पथराव करने के आरोप में गिरफ्तार पांच किसानों की रिहाई के लिए बुधवार को किसानों ने टोल प्लाजा भावदीन, खुईयां मलकाना व पंजुआना नहर के पास से नेशनल हाइवे 9 को जाम किया। इस दौरान ट्रक, बस सहित बड़े वाहन दो घंटे के लिए खड़े रहे, जबकि छोटे वाहन चालक लिंक मार्गों से निकल गए।
वहीं जाम में फंसे लोगों ने किसानों से जाम खोलने की मांग, लेकिन किसानों ने कहा कि यह संघर्ष हम सबका है, हमारा साथ दें। दोपहर को सिरसा स्थित धरने से किसान नेताओं ने 23 जुलाई को दो घंटे के लिए सुबह दस बजे से लेकर 12 बजे तक बाजार बंद रखने की घोषणा की और व्यापारियों से सहयोग मांगा। वहीं बुधवार को लगाए गए जाम के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दोनों टोल प्लाजा पर पुलिस बल तैनात रहा।
किसानों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भावदीन टोल, पंजुआना नहर व खुईयां मलकाना के पास नेशनल हाइवे 9 को सुबह 9 से 11 बजे तक दो घंटे के लिए बंद किया गया। टोल प्लाजा से आगमन बंद होने के चलते वहां वाहनों की भीड़ लगने गई। हालांकि वाहन चालक शहर जाने के दूसरे रास्तों से आ जा रहे थे। वहीं टोल प्लाजा पर लगे जाम में फंसे चालक किसानों से जाम खोलने की गुजारिश करते रहे। वहीं किसान नेता लोगों से गुजारिश करते रहे कि यह संघर्ष सबका साझा संद्यर्ष है, हमारे इस संघर्ष में शामिल होकर साथ दें। हालांकि किसानों ने एंबुलेंस व आर्मी की गाड़ी को रास्ता दिया। वहीं खुईया मलकाना टोल प्लाजा पर किसान सड़क के बीचों बीच बैठकर प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब दो घंटे बाद खुले जाम के बाद बड़े वाहन चालक अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
वहीं शहर में किसानों को संबोधित करते हुए प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि एक 80 साल का बुजुर्ग आमरण अनशन पर बैठा है। जिसकी सरकार व प्रशासन को कोई चिंता नहीं है। आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हो गए, सरकार की जुबां पर इन किसानों के लिए दो शब्द तक नहीं। सरकार ने गिरफ्तार किए गए किसानों पर जबरन देशद्रोह की धारा लगाई है। शायद सरकार को देशद्रोह की परिभाषा का ज्ञान नहीं है। संविधान भी इस बात की इजाजत देता है कि देश के मुखिया के खिलाफ आवाज उठाना आवाम का कानूनी अधिकार है। भारूखेड़ा ने बताया कि प्रशासन ने कोर्ट की तरफ जाने वाले रास्ते बंद कर दिए। ऐसे में न्याय की उम्मीद लेकर आने वाला व्यक्ति कहां जाएगा।
सवारियों को हुई परेशानी, बस में बैठकर करना पड़ा इंतजार
नेशनल हाइवे को दो घंटे के लिए बंद किया गया था। इस दौरान निजी वाहनों के साथ जाम में बसें भी फंसी रही। बसों में सवार सवारियों को दो घंटे तक टोल प्लाजा पर ही वक्त गुजारना पड़ा। कई सवारियों ने भी किसानों से बसों को निकालने को गुजारिश की, लेकिन किसानों ने उन्हें समझाकर शांत कर दिया।
दूसरे रूटों से निकले वाहन चालक
जाम के दौरान वाहन चालकों को टोल से गुजरने नहीं दिया गया। हिसार से आने वाले वाहन चालक भावदीन व टोल प्लाजा के दूसरी ओर से निकलकर शहर पहुंचे रहे थे। पुलिस ने सिरसा से डबवाली जाने वाले वाहनों को वाया खैरेकां से साहुवाला-प्रथम होकर निकाला तो वहीं डबवाली से सिरसा जाने वाले वाहनों को साहुवाला-प्रथम से खैरेकां होकर गुजारा।
24 जुलाई को हिसार में होगा डिप्टी स्पीकर का घेराव
अनशन पर बैठे बलदेव सिंह का बुधवार को सुबह और शाम दोनों समय स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने चेकअप किया। वहीं सीएमओ मनीष कुमार ने भी बलदेव सिंह का हालचाल जाना। परंतु बलदेव सिंह ने इलाज करवाने से मना कर दिया। बलदेव सिंह ने कहा कि या तो पांचों किसान बाहर आएंगे, या फिर मैं श्मशान घाट जाउंगा। वहीं किसान नेताओं ने मंच से घोषणा की कि 24 जुलाई को हिसार में डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के आवास का घेराव करेंगे। इसमें हिसार के किसान भी शामिल होंगे।
खुईया मलकाना टोल प्लाजा को बंद कर सड़क के बीच बैठे किसान।- फोटो : Sirsa
धरने पर किसान बलदेव सिंह लेटे हुए।- फोटो : Sirsa