तीन रुपये के लिए वन मजदूरों ने अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। 60 मजदूर रेंज अधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
मजदूरों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि हरियाणा सरकार के श्रम विभाग के गजट नोटिफिकेशन के बावजूद भी उनको बढ़ी दर से पगार देने में आनाकानी की जा रही है।
कर्मचारी नेता वीरचंद, राजकुमार, सूबा राम, राजन ने बताया कि वे डीसी रेट पर कार्यरत हैं। जुलाई 2015 में उनकी मजदूरी 223 रुपये प्रतिदिन से बढ़कर 226 रुपये कर दी गई थी।
अक्तूबर 2015 तक उन्हें तीन रुपये बकाया एरियर नहीं मिला है। अक्तूबर 2015 में प्रदेश सरकार के श्रम विभाग ने महंगाई की बढ़ती दर को देखते हुए उनकी मजूदरी 292 रुपये प्रतिदिन कर दी थी।
सरकार के आदेशानुसार एक नवंबर 2015 से यह लागू होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चार माह तक करीब साठ मजदूरों के तीन रुपये (प्रतिदिन) खाने वाले अधिकारी अब श्रम विभाग की गजट नोटिफिकेशन को ही धत्ता बता रहे हैं।
मजदूरों का कहना है कि जब तक उन्हें बकाया एरियर तथा नई दरों के हिसाब से मजदूरी नहीं मिल जाती, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे।
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हां, यह सही है कि जुलाई से अक्तूबर 2015 तक प्रत्येक मजदूर के बढ़े हुए एरियर के हिसाब से तीन रुपये अदा करने हैं। इसी माह यह मजदूरों को कैश दिया जाएगा। 292 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी वाला गजट नोटिफिकेशन 15 दिसंबर को प्राप्त हुआ है। हम 30 नवंबर तक रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेज चुके हैं। ऐसे में मजदूरों को पुरानी दर से नवंबर माह का वेतन मिलेगा। हम चेंज करके नहीं भेज सकते। मैंने मजदूरों को समझाया है कि दिसंबर माह की डिमांड में सब एडजस्ट कर दिया जाएगा। मजदूर मानने को तैयार नहीं।
-चरणजीत सिंह, रेंज अधिकारी, डबवाली