सिरसा। कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि भगवान ने हम सभी को कोई न कोई किरदार देकर भेजा है, जिसे गीता में स्वधर्म के नाम से जाना जाता है। जब मनुष्य स्वधर्म से विमुख होता है तो अहंकार जैसी भावनाएं जन्म लेती हैं और शांति भंग हो जाती है। यदि हमें सामाजिक संतुलन बनाए रखना है और मन को नियंत्रण में रखना है तो स्वधर्म का पालन अत्यंत आवश्यक है।
यह बात कुलपति ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी, बच्चे सभी का अपना-अपना स्वधर्म होता है। जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्य का पालन करेगा तो समाज में संतुलन और शांति स्वयं स्थापित हो जाएगी।
हमें श्रीमद् भगवद् गीता में दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए आगे बढ़ना चाहिए। मन को नियंत्रण में रखकर बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है। समय की कद्र करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है, इसलिए भगवान का सम्मान करते हुए अपने कार्यों को समय पर पूरा करना चाहिए। मुख्यअतिथि व अन्य अतिथियों ने सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सेमिनार में वक्ताओं ने गीता का मानव जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला और विभिन्न स्कूलों की टीमों ने गीता आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
श्रीराम न्यू सतलुज स्कूल के बच्चों ने वंदे मातरम् प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति दी। इस दौरान विद्यार्थियों की संख्या पहले की तुलना में कम दिखाई दी। वहीं आमजन की संख्या तो महोत्सव में दिखी ही नहीं। इस दौरान सिर्फ राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी के ही ऑडिटोरियम में नजर आए। जबकि यह महोत्सव जिला स्तर पर आयोजित किया गया था। लेकिन शहर के लोगों ने भी महोत्सव में रूचि नहीं दिखाई। राधा-कृष्ण नृत्य, राजकीय प्राथमिक पाठशाला चत्तरगढ़पट्टी के बच्चों की ओर से अधिकार तेरा करम करना पर आधारित गीता पाठ, एसएस जैन कन्या स्कूल की छात्राओं की ओर से आया नंद किशोर कृष्ण लीला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साहुवाला-प्रथम के बच्चों की ओर से राधा कैसे ना जले कृष्ण लीला नृत्य और महाराजा अग्रसेन स्कूल के बच्चों ने स्तुति ए गिरी नंदिनी प्रस्तुत की।
गीता के जीवन में महत्व पर विचार प्रकट किए
सेमिनार में ब्रह्माकुमारी आश्रम से राम निवास, आचार्य द्रोण प्रसाद कोइराला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहराणा से नवीन आर्य, व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जमाल से रवि कुमार ने गीता के जीवन में महत्व पर विचार प्रकट किए। जिला परिषद के सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र ने कार्यक्रम के मुख्यातिथि सीडीएलयू के कुलपति विजय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की बहन साध्वी पूजा भारती व साध्वी पूषा भारती ने गीता आरती की। कार्यक्रम में हिंदी प्रवक्ता चिमन भारतीय ने मंच संचालन किया। एसडीएम ऐलनाबाद पारस भागोरिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी विनोद श्योराण, बीडीपीओ सार्थक श्रीवास्तव, शिक्षा विभाग से अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के जिला समन्वयक हरिओम भारद्वाज, प्रिंसिपल बंसीलाल झोरड़, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक सुखविंद्र सिंह, प्रिंसिपल मंजु पुनिया, चाडीवाल के सरपंच वेद प्रकाश आदि मौजूद रहे।
सिरसा।चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आयोजित गीता महोत्सव में प्रस्तुती देते कलाकार। सूचना विभा
सिरसा।चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आयोजित गीता महोत्सव में प्रस्तुती देते कलाकार। सूचना विभा