रानियां ।गांव जोधकां व रानियां में शनिवार शाम को पराली जलाने की तीन लोकेशन मिलीं कृषि विभाग व प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाई और रिपोर्ट तैयार की है। छोटी दिवाली पर प्रदूषण का स्तर (एक्यूआई) 44 अंक बढ़कर 56 से 100 पहुंच गया।
जोधका में दो एकड़ में पराली के अवशेष जलाने पर किसान सूरजाराम पर पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया। जोधकां के बहादर सिंह की ओर से एक एकड़ में पराली जलाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। रानियां में भी एक एकड़ जमीन पर पराली जलाने मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पिछले तीन दिन में पांच किसानों पर एफआईआर पराली जलाने को लेकर दर्ज हो चुकी है और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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हरसेक ने उठाई आगजनी की लोकेशन
अधिकारियों के अनुसार हरसेक से आगजनी की लोकेशन प्राप्त हुई थी। इन लोकेशन के आधार पर ही मौके पर अधिकारी पहुंचे थे। किसानों के खेतों में पराली जलाए जाने के अवशेष मिले है। एक किसान ने अपने खेतों की बुहाई कर ली थी, उसके बाद भी अवशेष वहां पर मिट्टी में पाए गए है।
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पराली जलाने की तीन लोकेशन मिलीं। दो जोधकां और एक रानियां से प्राप्त हुई थी। तीनों लोकेशन की जांच के बाद किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इसके साथ ही ग्रामीणों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि किसान जागरूक हो और पराली न जलाए। हरिप्रसाद, एसडीओ, पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड।
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सेटेलाइट से गांव जोधकां और रानियां के खेतों में पराली में आगजनी के तीन मामले सामने आए है। विभागीय व कोर्ट के आदेशानुसार वीडियो ग्राफी व फोटोग्रॉफी की गई है। किसानों पर एफआईआर करवाई गई है। किसानों से अपील है कि आग पराली को न लगाए, अभी तक तो गेंहू का सीजन भी शुरू नहीं हुआ है। आग लगाने से किसानों का ही नुकसान है, रेड एंट्री के बाद किसी प्रकार की सरकारी योजना का लाभ वह नहीं ले पाएंगे।
डॉ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक कृषि विभाग
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