सिरसा। वन विभाग की ओर से जिले के 300 हेक्टेयर भूमि में साढ़े तीन लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए विभाग ने किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। खेतों में सफेदा, शीशम, जंडी सहित अन्य कई प्रकार के पौधों का रोपण किया जाएगा। ये पौधे कुरुक्षेत्र और आंध्रप्रदेश की नर्सरियों से सिरसा में पहुंचेंगे।
जिले में हरियाली और पेड़ों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से एग्रो फॉरेस्टिंग के तहत खेतों में पौधे लगाए जाते है। इससे की हरियाली के साथ-साथ पेड़ों की संख्या भी बढ़ सके और किसानों को भी इसका लाभ मिल सके। वन विभाग की ओर से इस वर्ष जिले में 300 हेक्टेयर में एग्रो फारेस्टिंग के तहत पौधों का रोपण किया जाएगा। इसमें प्रति एकड़ में एक हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। लक्ष्य के लिए विभाग की ओर से साढ़े तीन लाख पौधों की डिमांड मुख्यालय को भेजी गई है। किसानों की ओर से आवेदन किए जाने के बाद विभाग उस जमीन की स्थिति की जांच करेगा और आवेदन के अनुसार किसान के खेतों में पौध रोपित की जाएगी।
किसान इन नंबरों के माध्यम से कर सकते है आवेदन
सिरसा : 01666-243307, 70159-03643, 94663-32609
डबवाली : 94164-04687
कालांवाली : 94664-04975
रानियां : 94162-89834
तीन वर्षों तक विभाग ही करेगा देखरेख
एग्रो फॉरेस्टिंग के तहत लगाए गए पौधों की वन विभाग शुरुआती तीन वर्षों तक पौधों की देखरेख की जाएगी। इसके बाद यह किसान को सौंपे जाएंगे। पौधों के तैयार होने के बाद किसान इसका लाभ उठा सकता है।
सफेदा, शीशम, जंडी, सहित 15 प्रकार के पौधों का किया जाएगा रोपण
वन विभाग की ओर से सफेदा, शीशम, जंडी सहित 15 प्रकार के पौधों का रोपण किया जाएगा। जून व जुलाई में पौधरोपण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बारिश के मौसम में पौधों का रोपण होने के बाद पौधों के सूखने जैसे समस्या से भी निजात मिलती है।
गेहूं की कटाई के बाद 300 हेक्टेयर में पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए साढ़े तीन लाख अलग-अलग किस्मों के पौधों की डिमांड भेजी गई है। किसान वन विभाग कार्यालय में पहुंच आवेदन कर सकते है। जिसके बाद एकड़ के अनुसार पौधों का रोपण किया जाएगा। - नवल किशोर, जिला वन अधिकारी, सिरसा ।