गोरीवाला। उपतहसील के अंतर्गत आने वाले पशु अस्पताल कालुआना व गंगा में पिछले काफी समय से वीएलडीए के पद के साथ अभी पद रिक्त पड़े हैं। इसके कारण लंपी स्किन वायरस से निजात पाने के लिए उप तहसील के पशुपालकों को काफी दुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। जहां क्षेत्र में पशु पालक पशुओं का उपचार करने के लिए प्राइवेट चिकित्सकों से उपचार करवाने में लगे हुए हैं।
इस बारे में जब पशुपालन विभाग से गांव में बने पशुधन केंद्रों व पशु अस्पताल में जाकर संपर्क करने का प्रयास किया जाता है, तो वहां कोई भी कर्मचारी उन्हें नहीं मिलता। इस बारे में जब किसी भी प्रकार की पशु पालक द्वारा जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाता है तो उन्हें केवल एक ही बात सुनने को मिलती है कि पशुपालन विभाग में नियुक्तियां न होने के कारण सभी पद खाली हैं। जिससे परेशान होकर पशु पालक कोई चारा न बनता देख अपने ही स्तर पर व प्राइवेट पशु चिकित्सक से उपचार करवाने में लगे हुए हैं। इस कारण पशुपालकों को पशुपालन विभाग की ओर से न तो किसी प्रकार की कोई दवाई उपलब्ध हो पा रही है न ही किसी प्रकार का पशुओं को टीकाकरण किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में भारी संख्या में गोवश लंपी स्किन वायरस की चपेट में आ गया है। जिसका अभी तक किसी भी प्रकार का स्थाई उपचार पशुपालकों को नहीं मिल रहा है। पशुपालकों ने अपने दुधारू पशुओं को देसी नुक्सा अपनाकर बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पशु पालकों में आक्रोश है कि पशुओं के लिए जानलेवा त्वचा रोग फैल जाने पर भी पशुपालन विभाग की तरफ से किसी भी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके परिणाम पशुपालकों को उठाने पड़ रहे हैं।
कालुआना पशु अस्पताल के नीचे छह पशुधन केंद्र
कालुआना पशु अस्पताल के तहत छह पशुधन केंद्र आते हैं। इसमें कालूआना, गोदीकां, मुन्नावाली, बिज्जूवाली, दारेवाला, चक फरीदपुर हैं। इन गांव में एक वीएलडीए, एक एनिमल अटेंडेंट व एक स्वीपर पद स्वीकृत हैं परंतु इन पांचों गांव के पशु अस्पताल में सभी पद रिक्त हैं। अगर अगर कालूआना पशु अस्पताल के अंतर्गत आने वाले गांव की बात कि जाए तो इनमें 17 पद स्वीकृत हैं। जिसमें 16 पद रिक्त हैं। केवल बिज्जूवाली गांव में एक वीएलडीए कार्यरत है। इसी एक वीएलडीए के सहारे ही छह गांव आश्रित है। जबकि प्रत्येक गांव के अंदर गोशाला है। श्री कृष्ण प्रणामी गोशाला गोदिका में 300 के करीब गोवंश, श्री कृष्ण गोपाल गोशाला बिज्जूवाली में 350 के करीब गोवश,श्री राधा कृष्ण गोशाला अहमदपुर दारेवाला में 400 के करीब गोवश वही श्रीराम गोपाल गोशाला कालुआना में 700 के करीब गोवंश है। इसके बावजूद भी पशुपालन विभाग द्वारा एक बार भी संक्रमित त्वचा रोग को भापते हुए जांच नहीं की गई न कोई टीकाकरण किया गया है।
इस बारे में जब वेटरनरी सर्जन सुमित कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कालुआना व गंगा पशु अस्पताल के इंचार्ज होने के नाते गोशालाओं सहित गांव के पशुपालकों के गोवंश में फैले त्वचा रोग की जांच अपने स्तर पर की जा रही है। करीब दर्जनभर गांव होने के कारण सेवाएं दे पाने में काफी मुश्किलें आड़े आ रही हैं। क्योंकि कालूवाना पशु अस्पताल का चार्ज भी मेरे पास है। जिसमें छह गांव सम्मिलित हैं। वही गंगा पशु अस्पताल के अंतर्गत पांच गांव आते हैं। बहुत बड़ा क्षेत्र होने के कारण स्टाफ की कमी आड़े आ रही है। वैक्सीनेशन के लिए विभाग की तरफ से अभी तक कोई भी अधिकारिक जानकारी नहीं आई है जैसे ही कोई आदेश आऐंगे तो कारवाई शुरू कर दी जाएगी।