फतेहाबाद। जिले में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पिछले एक माह से लगातार भरे पानी में मच्छर व कीट पैदा हो रहे हैं। इससे चर्म रोग फैल रहे हैं। जलभराव का दूषित पानी नहरों से डाला जा रहा है। इसके माध्यम से यह सीधे लोगों के घरों में पेयजल के रूप में सप्लाई हो रहा है। इससे चर्म व त्वचा रोगी बढ़ रहे हैं। जिले के अस्पतालों में चर्म रोग के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और रसायन इन त्वचा संबंधी बीमारियों का मुख्य कारण हैं। मरीजों को खुजली, रैशेज, लाल धब्बे और अन्य प्रकार के त्वचा संक्रमणों का सामना करना पड़ रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
बचाव के लिए उपाय
पीने के लिए हमेशा पानी को अच्छी तरह उबालें, ताकि उसमें मौजूद सभी हानिकारक रोगाणु नष्ट हो जाएं।
दूषित पानी के संपर्क में आने से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
त्वचा पर किसी भी तरह का असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लें।
घरों में लगे जल फिल्टर का नियमित रूप से रखरखाव करें और उन्हें समय-समय पर साफ करें।
:: दूषित पानी और जमा पानी में मच्छर व कीट पनपते है। इससे स्वास्थ्य संबंधी कई प्रकार की बीमारियां फैलती है। इसमें मुख्य तौर पर चर्म राेग शामिल है। इससे बचाव के लिए खुले व सूती कपड़े पहनें।
डॉ. प्रीत कौर चर्म व त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।