सिरसा। डबवाली में पीएनबी वाली गली में एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी के घर से 22 तोला सोना चोरी के होने के मामले में शुक्रवार को एसपी कार्यालय के बाहर पांच घंटे तक हंगामा हुआ। वीरवार को पीड़ित परिवार ने पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने वृद्ध नौकरानी के साथ पूछताछ की थी। तबीयत खराब होने पर शुक्रवार को वृद्धा बनारसी देवी अस्पताल में भर्ती हो गई।
वृद्धा ने पुलिस व पीड़ित परिवार के लोगों पर मारपीट के आरोप लगाए है। वृद्धा ने सीआईए पुलिस पर थर्ड डिग्री देकर प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। वृद्धा के परिजन व समाज के लोग पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पांच घंटे तक परिजनों व समाज के लोगों ने एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद एसपी सिद्धांत जैन ने प्रदर्शनकरियों को आश्वासन दिया कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। इसको लेकर कमेटी गठित की जाएगी, जो जांच करेगी। आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त हुआ।
पार्षद अमरनाथ बागड़ी, पूर्व पार्षद दाना राम, शिमला देवी, लीलाराम, प्रेम तलवाड़िया व अन्य लोगों ने बताया कि वृद्धा बनारसी देवी के साथ पुलिस ने मारपीट की है। उन्हें बालों से पकड़कर खींचा और पीटा है। मारपीट करने वालों में वे लोग भी शामिल हैं, जिनके घर चोरी हुई है। बुजुर्ग महिला अस्पताल में भर्ती है। चोरी होने पर कोई भी अंगुली उठा देगा तो क्या पुलिस उसे थर्ड डिग्री देगी। लोगों ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और चोरी किया गया सामान बरामद होना चाहिए।
यह दी थी शिकायत
पुलिस को दी शिकायत में कृष्णा देवी ने बताया कि उसके पति की बरसी का कार्यक्रम वीरवार को रखा गया था। इस दौरान परिवार के सभी लोग आए हुए थे। वहीं, घर पर ब्राहाण भोज भी रखा हुआ था। ब्राहाण भोज के बाद घर में लोहे की अलमारी को संभाला तो उसमें से जेवरात गायब थे। जो 22 तोले के होंगे। उन्हें शक है कि जेवरात की चोरी उनके घर पर कार्य करने वाली बनारसी देवी ने की है।
बेटी ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप
प्रेम बांसल के क्रियाकर्म के दौरान आई उनकी बेटी ममता ने बताया की उसके पिता की अस्थियां हरिद्वार में प्रवाहित करने के दौरान उनकी माता ने करीब 20 से 25 तोले सोना और पैसे उसे दे दिए थे, जिन्हें वह अपने साथ ससुराल ले गई थी। बुधवार रात को वह आई और अपनी माता कृष्णा देवी को सोने का बॉक्स और रुपये रात को करीब 11 बजे सौंप दिए। जब उसकी माता वीरवार को सारा क्रिया कर्म पूरा होने के बाद उन्हें शगुन देने लगी तो वह वहां से सोने से भरा बॉक्स गायब देखकर उन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर अंदर गए तो देखा कि पैसे तो वहां पर है, लेकिन जेवरात बॉक्स सहित गायब है। ममता रानी ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके घर में कार्य करने वाली बनारसी देवी सोने चोरी करके ले गई है।
उसने जब बनारसी देवी से अपने स्तर पर पूछताछ की तो उसने चोरी की बात कबूल की। उसे गोल बाजार पुलिस चौकी में लेकर गए तो पुलिस उसे सीआईए स्टॉफ गांव डबवाली में ले गई। इस दौरान ममता और मां कृष्णा देवी को भी साथ ले गए। वहां पर बनारसी देवी ने अलग-अलग जगह पर सोना रखने की बात कहीं। पुलिस पर आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि चौकी में सभी महिलाओं को बैठा दिया गया और रात में पूछताछ की। जबकि परिवार के पुरुषों को अंदर नहीं आने दिया गया। पहले पुलिस कर्मी कह रहे थे दो से तीन घंटे में जेवरात मिल जाएंगे। देर रात को उन्होंने जेवरात नौकरानी के पास नहीं होने की बात कही। ऐसे में पुलिस की गतिविधियां भी इस मामले में संदिग्ध है।
वृद्धा नौकरानी अस्पताल में भर्ती
अस्पताल में उपचाराधीन वृद्धा नौकरानी बनारसी देवी ने बताया कि वह साढ़े 12 बजे कृष्णा देवी के घर से आ गई थी। उसके बाद दोबारा बुलाया गया। उसके बाद परिवार के लोगों ने उसके साथ मारपीट की। बाद में पुलिसकर्मी उसे लेकर चले गए और तीन-चार लोगों ने बांधकर उसे पीटा। उन्होंने कुछ देर और पीटा होता तो वह मर ही जाती। उसने कोई चोरी नहीं की है।