रोड़ी के गेहूं खरीद केंद्र में शनिवार को दो आढ़तियों द्वारा तोल में गड़बड़ी किए जाने पर किसानों ने हंगामा किया। सूचना के बाद किसान संगठन के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। बैग का जब वजन किया तो उसमेें गड़बड़ी सामने आई। किसानों ने दूसरी फर्मों का तोल भी चेक किया तो उसमें भी अंतर आया। ऐसे में किसानों ने करीब 14 फर्मों के तोल में गड़बड़ी के आरोप लगाए। तोल में गड़बड़ी मिलने पर किसान भड़क गए और उन्होंने तोल बंद करवाते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय पर धरना दे दिया और सरकार व आढ़तियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना के बाद कालांवाली मार्केट कमेटी के सचिव मेजर सिंह व सुपरवाइजर तरसेम सिंह ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन किसान नहीं माने। आक्रोशित किसानों ने अधिकारियों को खरी खरी सुनाई। लंबी चली जद्दोजहद के बाद आढ़तियों ने अपनी गलती स्वीकारते हुए माफी मांगी और हर्जाना भरने की बात कही।
शनिवार सुबह रोड़ी के खरीद केंद्र पर शुक्रवार को खरीदी गई गेहूं का तोल कार्य चल रहा था। किसानों को संदेह हुआ कि तोल में गड़बड़ी की जा रही है। सूचना के बाद किसान यूनियन के जिला प्रधान सिकंदर सिंह, जगतार सिंह व अमरिंद्र सिंह सहित अन्य किसान मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को साथ लेकर अनेक फर्मों पर गेहूं के बैग का तोल चेक किया तो गेहूं में गडबड़ी पाई गई। सामने आया कि न्यूनतम 600 ग्राम व अधिकतम करीब सवा 2 किलो ग्राम गेहूं प्रति बैग अधिक पाया गया। जबकि 50 किलोग्राम गेहूं तोल के साथ 200 ग्राम बैग का वजन तोले जाने का प्रावधान दिया गया है लेकिन आढ़तियों द्वारा गेहूं के बैगों में अधिक गेहूं भरकर किसानों को चूना लगाया जा रहा था। जब किसानों ने आढ़तियों से पूछा तो कोई भी संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे पाया। आक्रोशित किसानों ने तोल बंद करवा दिया और मार्केट कमेटी कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया।
गेहूं तोल में गड़बड़ी की सूचना के बाद हम मौके पर पहुंचे थे। जिन आढ़तियों द्वारा गडबड़ी की गई है उन्हें जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं किसानों को एक सप्ताह में किए गए तोल की भरपाई करने पर सहमति करवा दी गई है। भविष्य में ऐसी नौबत न आए इसके लिए कमेटी कर्मचारियों को सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए गए हैं। -मेजर सिंह, सचिव, मार्केट कमेटी, कालांवाली।