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सविता पूनिया के गांव में नहीं स्टेडियम, शेरपुरा खेल ग्राउंड बना जंगल तो कंवरपुरा इंडोर स्टेडियम बदहाल

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गांव में दौड़ लगाते खिलाड़ी। संवाद - फोटो : Sirsa
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। जिले ने देश को सविता पूनिया व सरदार सिंह जैसे खिलाड़ी दिए हैं, जो कि अपने खेल का लोहा पूरी दुनिया में मनवा चुके हैं। हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया के गांव में अब तक कोई भी खेल स्टेडियम नहीं बन पाया है। हालांकि जिन गांवों में खेल स्टेडियम बनवाए गए हैं, उनकी स्थिति भी बेहद ही खराब है। इस पर प्रशासन व गांव पंचायतों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते शेरपुरा खेल ग्राउंड जंगल तो कंवरपुरा इंडोर स्टेडियम बदहाल स्थिति में है। ऐसे में मजबूरन खिलाड़ियों को सड़कों पर अभ्यास करना पड़ रहा है।
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सविता पूनिया गांव जोधका की रहने वाली है। सविता पूनिया गांव में ही खेलना शुरू किया। इसके बाद आज वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी में देश का नाम चमकाया। बात करें उनके गांव की तो उनके गांव में आज भी कोई भी खेल स्टेडियम नहीं बन पाया। इसके कारण गांव के खिलाड़ी सड़कों पर अभ्यास करने को मजबूर हैं। गांव की ओर से भी कई बार खेल स्टेडियम बनवाने को लेकर मांग उठाई गई है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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नशेड़ी युवकों का अड्डा बना शेरपुरा का खेल मैदान
सविता पूनिया के गांव के साथ स्थित शेरपुरा गांव की स्थिति भी कुछ इसी तरह की है। हालांकि यहां पर सरकार की ओर से करीब आठ एकड़ में स्टेडियम बनाया गया था। इसमें बास्केटबॉल, फुटबाल, एथलीट गेम व वॉलीबाल का मैदान बना हुआ है, लेकिन अब खेल स्टेडियम में वन विभाग ने शीशम व नीम की पौधे लगाकर उसे जंगल में बदल दिया है। इसके बाद यह स्टेडियम गांव के नशेड़ी युवकों का अड्डा बना गया है। खेल स्टेडियम में जगह-जगह पर नशे के इंजेक्शन, सिलवर पन्नी, गोलियों के पत्ते, लाइटर व शराब की बोतलें और अन्य सामान भी बिखरा पड़ा रहता है।
कंवरपुरा खेल स्टेडियम के हाल बद से बदतर
कवरंपुरा में करोड़ों रुपये से राजीव गांधी खेल स्टेडियम को बनाया गया है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में यह स्टेडियम अपनी बदहाली का सबूत खुद दे रहा है। युवा बताते हैं कि इस स्टेडियम को बने एक दशक बीत गया है।, परंतु अभी तक कोई भी कोच नहीं आया है। स्टेडियम पूरी तरह से खंडहर हो चुुका है। इनडोर स्टेडियम में चौकीदार न होने की वजह से शरारती तत्व सारे कांच तोड़ दिए हैं। स्टेडियम में बना ट्यूबवेल भी खराब पड़ा है। स्नान घर व शौचालय भी बदहाल है। मैदान के बीच मिट्टी की ट्रालियां खाली की गई है। इसके अलावा जिम का समान भी रखरखाव के अभाव में खराब हो चुका है। हालांकि अभी गांव के युवा खिलाड़ी की मेहनत की वजह से गांव में एक लड़कियों की खेल नर्सरी जरूर आई है।
हम मैदान में फौज की तैयारी के लिए दौड़ लगाने जाते थे। यहां बारिश के दौरान पानी भर गया था, तो हमने बीच में कुछ दिन सड़क किनारे दौड़ लगानी शुरू कर दी। इसी बीच कुछ गांव के नशेड़ी लोगों ने मैदान को अपना ठिकाना बना लिया। इस सब प्रकरण के बीच रही कसर वन विभाग ने निकाल दी। पूरे मैदान को जंगल में बदल दिया।
- राजवीर सिवंर, युवा खिलाड़ी शेरपुरा।
गांव के स्टेडियम को हमने कई बार अपने खर्च पर सफाई करवाई है। कोच के लिए भी पंचायत स्तर पर कई दफा बात की, पर आज तक तो कोई कोच नहीं मिला। अब तो स्टेडियम के हालात ये हो चुके की खेलने का मन भी नहीं करता। फुटबाल के ग्राउंड में भी पौधों का रोपण कर दिया है। इसके कारण अब वहां पर खेल भी नहीं सकते। - विकास जांगड़ा, खिलाडी शेरपुरा।
इनडोर स्टेडियम बिल्कुल जर्जर हो गया है। इस खेल स्टेडियम में युवतियां अभ्यास करने के लिए जाती हैं। स्टेडियम में कोई भी सुविधा नहीं है। जिम भी खेल परिसर में बनाया गया है, लेकिन अब उसका कोई ठिकाना नहीं है। -अभिमन्यु सिहाग, खिलाड़ी, कंवरपुरा।
शेरपुरा के स्टेडियम में पौधरोपण किए जाने की अभी तक कोई भी जानकारी नहीं है। स्टेडियम में पौधे लगाए गए हैं, तो ग्राम पंचायत ने इस पर सहमति जरूर दी होगी। फिर भी इस तरह की स्थिति होती है तो स्टेडियम का निरीक्षण किया जाएगा और जांच करवाई जाएगी। - प्रेम कुमार, रेंज ऑफिसर, वन विभाग सिरसा।
महिला खिलाड़ियों को अभ्यास करवाने के लिए नई ज्वाइनिंग हुई है। महिला खिलाड़ियों को खेल नर्सरी में अभ्यास करवाया जाएगा। खेल स्टेडियम की स्थिति को लेकर विभाग को पत्र लिखा गया है।
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किरण गरेवाल, कोच, खेल नर्सरी, कंवरपुरा, सिरसा।

खेल स्टेडियम में लगा जिम का समान टूटा हुआ। संवाद- फोटो : Sirsa

खेल स्टेडियम में चारों तरफ लगाए गए पौधे। संवाद- फोटो : Sirsa

खेल स्टेडियम में बने कमरें में पड़ी नशे में प्रयुक्त होने वाला सामान । संवाद- फोटो : Sirsa

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