फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा की गई स्ट्राइक सोमवार को आठवीं दिन में प्रवेश कर चुकी है। मरीजों को दवाई लेने में के लिए घंटो-घंटो तक लाइन में लगे रहना पड़ रहा है। लाइन में लगने से परेशान मरीज बारी नहीं आने पर बाहर से दवाई लेने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि हड़ताल के बावजूद भी लोगों को कोई परेशानी नहीं आ रही है जबकि हकीकत तो यह है कि लोगों को बिना दवाई लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। टीटू खेड़ा से आए मरीज गुरजंट सिंह ने बताया कि वह यहां पर दर्द की दवाई लेने आया है यहां पर पहले तो 2 घंटे तक लाइन में लगा रहना पड़ता है उसके बाद वहां पर मौजूद डॉक्टरों का कहना है कि यहां पर दर्द की दवाई खत्म हो चुकी है।
अभी तक नहीं आया दवाइयों का स्टॉक: बीते 4 दिनों से सिविल अस्पताल सिरसा में दर्द, कान, आंख तथा 10 अन्य प्रकार की दवाइयां खत्म हो चुकी हैं। 4 दिन बीतने के बाद अभी तक इन दवाइयों का स्टॉक अस्पताल में नहीं पहुंचा है दवाई लेने आने वाली मरीज को बिना दवाई लिए ही वापस लौटना पड़ रहा है। मरीज नीलम रानी ने बताया कि उसके पेट में काफी दिनों से दर्द है जब वह सिविल अस्पताल आई तो पहले उसे 2 घंटे तक लाइन में लगा रहना पड़ा और जब बारी आई तो फार्मासिस्ट ने दवाई देने से मना कर दिया। फार्मासिस्ट का कहना है कि सिविल अस्पताल में दर्द की दवाई खत्म हो चुकी है और यह आपको बाहर से लेनी पड़ेगी। मरीज मंगतू राम ने बताया कि उसे भी दर्द की दवाई नहीं दी गई वहां मौजूद डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट ने कहा कि दर्द की दवा खत्म है और आप बाहर से ले लीजिए।
करीब डेढ़ सौ मरीजों को बिना दवाई लौटना पड़ा वापस: सोमवार को करीब डेढ़ सौ मरीज दर्द आंख तथा कान की दवाई लेने आए थे लेकिन अस्पताल में इन सब दवाइयों के साथ 10 अन्य प्रकार की दवाइयां भी खत्म हो चुकी हैं जिसके लिए अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि ओपीडी के लिए उनके पास बजट नहीं होता। दवाइयां वेयरहाउस में अगर उपलब्ध होंगी तो उसके बाद ही स्टॉक में लाई जाएंगी।
खत्म हो चुकी दवाइयों का आर्डर कर दिया गया है। मंगलवार सुबह सिरसा से दो गाड़ियां दवाई लेने जाएंगी। जल्द ही स्टॉक पूरा कर दिया जाएगा।
विरेश भूषण, सिविल सर्जन सिरसा।