स्कूल में इक्ट्ठा हुए ग्रामीण।
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गत दिन एक सरकारी स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा के साथ सहपाठी द्वारा गंदी हरकत करने के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज करीब 150 ग्रामीण सोमवार को स्कूल में तालाबंदी करने को एकत्रित हुए। जिन्हें मनाने के लिए पहले एसएचओ सुनीता रानी पहुंची। ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी तो सिरसा डीएसपी आर्यन चौधरी गांव में पहुंचे। मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। उन्होंने ग्रामीणों को 7 दिन का आश्वासन दिया है। बतादें कि पीड़ित बच्ची सिरसा के सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन है। प्रशासन मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चुका है ।
बीते दिन रविवार को दी गई चेतावनी के अनुसार करीब 150 ग्रामीण प्राइमरी स्कूल में एकत्रित हुए। ग्रामीणों ने गुरुद्वारे में लाउड स्पीकर से सभी को स्कूल में पहुंचने का संदेश दिया। स्कूल में पहुंचकर ग्रामीणों ने अपना रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले से सूचना होने के कारण पुलिस प्रशासन की ओर से महिला एसएचओ सुनीता रानी मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। मगर ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्कूल में कक्षाएं नहीं लग सकीं। बात न बनते देख प्रशासन ने सिरसा मुख्यालय से संपर्क किया। जिसके बाद करीब साढ़े 11 बजे डीएसपी आर्यन चौधरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ करीब आधा घंटे तक बातचीत की। जिसमें उन्होंने ग्रामीणों से सात दिन का समय मांगा है। उन्होंने अगली कार्रवाई के लिए 5 लोगों की एक कमेटी का गठन किया है। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। उसे स्कूल में बुलाकर सहपाठी की पहचान की जाएगी। जिसके बाद कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए ।
ये था मामला: सरकारी स्कूल में 26 अगस्त को पहली कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के साथ उसी के सहपाठी द्वारा गंदी हरकत करने का मामला सामने आया था। उक्त मामला तब सामने आया जब बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे सिरसा अस्पताल में दाखिल करवाया गया वहां जांच करने के बाद डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि इसके साथ जबरदस्ती की गई है। इसके बाद परिजनों ने बच्ची से पूछताछ की तो उसने स्कूल में हुई पूरी घटना के बारे में बता दिया। उसके बाद पुलिस को बुलाकर बच्ची के 6 वर्षीय सहपाठी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करवा दिया।