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गेहूं खरीद में हो रही मार्केट फीस की चोरी, फोन के जरिये किसान व व्यापारी के बीच में हो रहा सौदा

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सिरसा गोदाम में गेहूं डालने के बाद जाती हुई खाली ट्राली। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। गेहूं की खरीद में निजी व्यापारियों को छूट मिलने के बाद सीधे अपने गोदामों में डलवा रहे हैं। जिसमें उन्हें किसानों का भी खूब समर्थन मिल रहा है। लेकिन इस खेल में सरकार को लाखों रुपये की चपत, मार्केट फीस चोरी के रूप लग रही है। इस दौरान किसानों व व्यापारियों का सौदा फोन के जरिये ही तय हो जाता है। जिसमें यह धंधा बीज की आड़ में भी चल रहा है।
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व्यापारियों द्वारा किसानों को अधिक दाम दिया जा रहा है, क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 तय किया गया है तो वहीं किसानों को निजी दाम 2065 से अधिक मिल रहे हैं। इस प्रकार से की जाने वाली गेहूं की खरीद का कहीं भी रिकॉर्ड नहीं है। व्यापारी किसान से सौदा करने के बाद गेहूं को गोदाम में मंगवाते है और खुद के धर्मकांटे पर ट्रॉली का तोल करवा देते हैं। इसके बाद सफाई के लिए पंखा लगाने की भी समस्या नहीं है और प्रति क्विंटल के पीछे 1 किलोग्राम गेहूं की काट लगाकर गोदाम में ढेरी लगवा दी जाती है। इसमें किसान को सिर्फ डंपर उठाने की जरूरत पड़ती है और 5 मिनट में ट्रॉली खाली हो जाती है।
बीज के लिए बना रखे हैं गोदाम
जिले में कुछ गोदाम जो बीज के लिए बनाए गए हैं। लेकिन इसकी आड़ में गेहूं खरीद का धंधा चल रहा है। ताकि विभागीय कार्रवाई के दौरान गेहूं का बीज बताकर बचा जा सके। लेकिन हकीकत तो यह है कि हर किसान से आई गेहूं गोदाम में डाली जा रही है।
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सूत्रों से प्रशासन को मिल रही व्यापारियों को सूचना
गेहूं खरीद का यह धंधा बड़ी ही स्टीकता से खेला जा रहा है। प्रशासन को इसकी भनक न लगे इसके लिए बाकायदा व्यापारियों ने अपने सूत्र बनाए हुए हैं। वहीं गोदाम से कुछ दूरी पर अपने कर्मचारी भी रख रखे हैं। जो प्रशासनिक अधिकारियों की टीम आने की सूचना पहले ही दे देते हैं। जिसके कारण इस खेल का भंडाफोड़ आसानी से नहीं हो पा रहा है।
पहले दिन ही हो चुकी थी मार्केट फीस की चोरी
सिरसा अनाज मंडी में गेहूं आने के दूसरे दिन सरकारी खरीद की गई थी, लेकिन इससे पहले व्यापारियों के गोदामों में गेहूं पहुंच गई थी। जब विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना मिली, इसके बाद कई क्विंटल गेहूं की मार्केट फीस जमा भरवाई गई थी।
गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे से रखी जाती है निगरानी
इन गोदामों में केवल किसानों को ही ट्रॉली लेकर आने की अनुमति है। गेहूं की ट्राली के बिना आने वाले व्यक्ति को इसमें प्रवेश नहीं होने दिया जाता। फिर भी अगर कोई अन्य व्यक्ति आए तो इसकी जानकारी उन्हें बाहर गेट पर लगे कैमरे से प्राप्त होती रहती है।
किसान मंडी के झंझट से बचने के लिए अपना रहे यही विकल्प
मंडी में खरीद के लंबे समय तक इंतजार करना और समय की बचत को देखते हुए किसान भी यही विकल्प अपना रहे हैं। वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिक दाम मिलने से भी किसान खुश होकर इन गोदामों में गेहूं डाल रहे हैं।
अब तक हुई आवक
जिले की 64 मंडियों में अब तक करीब 70 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है। जो पिछले वर्षों के मुकाबले बहुत कम ही है। सीजन के हिसाब से देखे तो मंडी खाली ही नजर आ रही है।
मार्केट फीस की चोरी नहीं होने दी जाएगी और गोदामों में निरीक्षण करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है। मार्केट फीस चोरी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। गोदामों की जांच की गई तो कुछ बीज वाले गोदाम थे, जिनका कोई बीज प्रोग्राम था। वहीं जिन व्यापारियों ने गेहूं को बिना मार्केट फीस के खरीदी थी उनसे करीब 800 क्विंटल गेहूं की फीस भरवाई जा चुकी है।
-विरेंद्र मेहता, सचिव मार्केट फीस सिरसा।

सिरसा गोदाम में गेहूं से भरी हुई ट्राली लेकर जाता किसान।- फोटो : Sirsa

सिरसा शहर के बाहरी क्षेत्र के एक गोदाम में डाली जा रही गेहूं।- फोटो : Sirsa

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