सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सांसद कुमारी सैलजा ने जिले के गांव ओटू में नशे की ओवरडोज से एक माह में चार युवकों की हुई मौत पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश की जवानी नशे की गिरफ्त में है और सरकार गहरी नींद में सोई हुई है।
सांसद ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले चुका है, लेकिन सरकार और प्रशासन मौन दर्शक बने हुए हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा ही नहीं, बल्कि फतेहाबाद, कैथल, अंबाला और राज्य के अन्य जिलों से भी नशे के कारण युवाओं की मौतों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
यह स्थिति बताती है कि प्रदेश की जवानी धीरे-धीरे नशे की दलदल में फंसती जा रही है और सरकार इस विनाशकारी प्रवृत्ति को रोकने में पूरी तरह असफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि गांवों और कस्बों में नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है, लेकिन नशा बेचने वालों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी केवल औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं, जबकि नशा तस्कर बेखौफ होकर युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
सैलजा ने कहा कि जब तक नशा तस्करों और विक्रेताओं पर कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी और उन्हें जेलों में नहीं डाला जाएगा, तब तक हमारे युवा इस ज़हर के शिकार बनते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त समाज की दिशा में केवल घोषणाएं करने से कुछ नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे।
सांसद ने कहा कि यह समय केवल राजनीतिक बयानबाजी का नहीं, बल्कि कार्रवाई का है। सरकार को चाहिए कि वह नशे के खिलाफ एक व्यापक नीति बनाए जिसमें पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि सरकार गहरी नींद में सोई हुई है जबकि गांव-गांव में माताएं अपने बेटों को नशे की आग में जलता देख रही हैं। अब वक्त आ गया है कि समाज और सरकार दोनों मिलकर इस जहर को जड़ से खत्म करने का संकल्प लें।