संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सिरसा। जिले में शनिवार को दोपहर तक तेज धूप के बाद अचानक मौसम ने करवट ली और शाम पांच बजे के करीब तेज आंधी के साथ आसमान में काले बादल छा गए। मौसम में बदलाव के चलते हल्का अंधेरा छा गया और हवा की रफ्तार ने सड़कों पर चलना मुश्किल कर दिया। चारों तरफ उड़ती धूल ने जनजीवन को प्रभावित किया।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, मौसम में इस अचानक बदलाव से मंडी में खुले में पड़ी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
सिरसा मंडी में गेहूं की लगभग चार लाख बोरियां खुले में पड़ी हुई हैं। किसानों और आढ़तियों के लिए यह चिंता का बड़ा कारण बन गया है। फसल उठान की धीमी रफ्तार और प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रेम बजाज ने बताया कि मंडी में फसल उठान के लिए तीन जोन बनाए गए हैं और हर जोन में एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों की संख्या बेहद सीमित है। वर्तमान में मंडी में केवल 20 सरकारी ट्रक और लगभग 20 निजी ट्रक ही फसल उठान का कार्य कर रहे हैं, जो कि आवश्यकताओं की तुलना में नाकाफी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि मौसम में हो रहे लगातार बदलाव और संभावित बारिश से किसानों और आढ़तियों को भारी नुकसान हो सकता है। मंडी में मौजूद फसल को बचाने के लिए कुछ आढ़ती निजी स्तर पर फसल उठान करवा रहे हैं, जिसके लिए उन्हें 8 से 10 रुपये प्रति बोरी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
मंडी में गेहूं की स्थिति (क्विंटल में):
गेटपास : 463
आवक : 28,851
उठान : 58,903
अब तक कुल आवक : 13,97,654
उठान शेष : 6,98,184
सरसों की स्थिति (क्विंटल में):
गेटपास : 330
आवक : 8,529
उठान: 3,126
अब तक कुल आवक : 4,61,807
उठान शेष : 1,36,799