सिरसा। सालों से अधर में लटकी ऑटो मार्केट के विकास का रास्ता अब साफ हो गया है। पूर्व विवादों के कारण ऑटो मार्केट के विकास कार्य कई सालों से अटके पड़े थे। जिसको अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग से आया पत्र गति देगा। अब नई दुकाने अलॉट होने के साथ पेट्रोल पंप व अन्य सुविधाएं ऑटो मार्केट के व्यापारियों को मिल पाएगी। इतना ही नहीं, ऑटो मार्केट विकसित करने के बाद उसे नगर परिषद की ओर से ऑटो मार्केट एसोसिएशन को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद देखरेख की सारी जिम्मेदारी नगर परिषद की जगह ऑटो मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन की होगी।
पत्र के अनुसार व्यापारियों को पूर्व में जमा करवाए गए पैसे को सरकार ब्याज सहित उनको लौटाएगी। जो व्यापारियों के लिए बड़ा राहत देने वाला फैसला है। व्यापारियों ने सरकार के इस पत्र को लेकर खुशी जाहिर की है। जारी पत्र के अनुसार 29 फरवरी तक विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि पूर्व में व्यापारियों द्वारा जमा करवाए गए पैसे की गणना व समाधान का कार्य पूर्ण करना होगा। उसके बाद ही आगामी प्रक्रिया को अमल में लाए।
20 सितंबर को मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को दिया था आश्वासन
20 सितंबर 2023 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सिरसा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया था। इस दौरान विशेष कार्यक्रम ऑटो मार्केट में व्यापारियों की ओर से रखा गया था और व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत करवाया था। मुख्यमंत्री ने ऑटो मार्केट के हालात देखे और व्यापारियों से बातचीत की थी। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने ऑटो मार्केट की समस्या का स्थाई समाधान करने का आश्वासन दिया था।
सरकार ने पत्र जारी कर यह दिए ये आदेश
1 - ऑटो मार्केट के प्लाटों की नीलामी जिला नगर आयुक्त सिरसा की देखरेख में की जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। प्रशासनिक शुल्क के रूप में बिक्री आय का एक प्रतिशत नगर परिषद को दिया जाएगा।
2 - नगर परिषद ने ऑटो मार्केट के प्लॉट धारकों के पैसे का प्रयोग वेतन आदि में किया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्लॉट धारको को पैसा चक्रवृद्धि ब्याज के साथ लौटाया जाएगा।
3- ऑटो मार्केट एसोसिएशन प्लॉटों के हस्तांतरण का ध्यान रखेगा। नगर परिषद उनसे कोई स्थानांतरण शुल्क नहीं लेगा।
4- एक बार विकास कार्य पूरा हो जाने पर भविष्य के प्रबंधन और रख-रखाव के लिए एसोसिएशन को हस्तांतरित किया गया।
5- नगर परिषद एसोसिएशन को धन की वापसी की गणना व समाधान होने के बाद 29 फरवरी 2024 के बाद ही दी जाएगी।
यह है ऑटो मार्केट की कहानी
वर्ष 1987 में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मंत्री लक्ष्मण दास अरोड़ा की देखरेख में ऑटो मार्केट को नगर परिषद प्रशासन अस्तित्व में लेकर आया था। लेकिन इस मार्केट की लगभग 52 एकड़ जमीन में वक्फ बोर्ड की कुछ जगह पर कुछ लोग पहले से ही काबिज थे। उन्होंने कोर्ट में केस दायर कर दिया था। इस बीच जब ऑटो मार्केट में प्लॉटों के आवंटन को लेकर घपला उजागर हुआ। मामला हाईकोर्ट तक भी जा पहुंचा। इस वजह से मार्केट में विकास कार्य नहीं हो पाए थे। बाद में इस सभी मामलों के समाधान होने पर दोबारा से ऑटो मार्केट के विकास का कार्य शुरू होने लगा।
ऑटो मार्केट में दुकानों के लिए प्लॉट आबंटन के पहले फेज में 982 प्लॉट आबंटन किए गए। जिसमें से 703 प्लाट ऑटो मिस्त्रियों को देने थे और शेष 279 प्लॉटों की ओपन नीलामी की गई। बाद में दूसरे फेज में इसमें 269 दुकानों के लिए प्लॉट जोड़े गए। इस तरह से कुल प्लॉटों की संख्या 1251 हो गई। इसके अलावा पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटर और रेस्टोरेंट के लिए तीन प्लॉटों की नीलामी की योजना भी विभाग ने बनाई है। कुल 1251 प्लॉटों में से सिर्फ एक तिहाई दुकानों का ही निर्माण हो सका है। वहीं प्रशासन की ओर से ऑटो मार्केट में अब तीसरे फेज के तहत 210 दुकानों का निर्माण किया जाना है। ये दुकानें ट्रक यूनियन के पीछे और साथ लगती जमीन पर बनाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री द्वारा जारी करवाए गए पत्र ने 40 साल पुरानी ऑटो मार्केट के व्यापारियों की मांग पूरी कर दी है। नगर परिषद ऑटो मार्केट को संपूर्ण विकास करवाएगा और भविष्य की जिम्मेदारी ऑटो मार्केट एसोसिएशन को सौंपी जाएगी। इसके लिए शहरवासी मुख्यमंत्री के आभारी हैं।
-गोबिंद कांडा, वरिष्ठ भाजपा नेता