शुक्रवार शाम गांव देसूमलकाना में पंजाब से नशा बेचने आए युवकों को ग्रामीणों ने करीब 3 घंटे पकड़े रखा और थाना कालांवाली पुलिस से कई बार संपर्क भी किया लेकिन फोन नहीं उठाया गया। सूचना देने के बावजूद कालांवाली पुलिस न तो मौके पर पहुंची और न ही पुलिस की ओर से उन पर कोई कार्रवाई की गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने एकत्रित होकर थाना प्रभारी वजीर सिंह से मिलकर नशा तस्करों पर कार्रवाई करने की बात रखनी चाही। लेकिन थाना प्रभारी वजीर सिंह थाने में रहते हुए भी काफी देर तक ग्रामीणों से नहीं मिले जिस पर वे भड़क गए। सरपंच प्रतिनिधि बिंदर सिंह और पूर्व पंच पाला सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने थाने के बिल्कुल सामने रोड के बीचों बीच बैठकर धरना लगा दिया और पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए जमकर नारेबाजी की। धरने के दौरान शहर की समाजसेवी संस्थाओं हेल्पिंग हैंड ट्रस्ट, एंटी ड्रग यूथ क्लब ने पहुंचकर ग्रामीणों का समर्थन किया।
धरने के दौरान सरपंच प्रतिनिधि बिंदर सिंह, पूर्व पंच पाला सिंह, जशदीप सिंह, हरविंद्र सिंह, गुरप्रीत सिंह, सेवक सिंह, गोरा सिंह, कल्ला सिंह, मनप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, गुरविंद्र सिंह, मंदर सिंह, जगना सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से चलाए जा रहे नशामुक्ति मुहिम से प्रेरित होकर शहीद भगत सिंह समाजसेवी ट्रस्ट की ओर से ग्राम पंचायत व ग्रामीणों के सहयोग से गांव में रोजाना नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी के चलते ग्रामीणों की ओर से गांव में नशा करने और नशा बेचने वाले लोगों को विभिन्न तरीकों से जागरूक भी किया जा रहा है और भविष्य में नशा बेचने व नशे का सेवन करने पर उन पर सख्त कार्रवाई करवाने की चेतावनी दी गई है।
इस अभियान में उन्हें पुलिस प्रशासन के झूठे दावों के अलावा कुछ भी सहयोग नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीणों ने गांव के एक युवक को 3 हेरोइन की पुड़ियों सहित काबू किया था और पंजाब से नशा बेचने आने वाले युवकों का पता लगाया था। इसी के चलते उन्होंने गत दिन हरियाणा की सीमा के साथ लगते गांव कनकवाल पंजाब के रूबी, हरमन और अन्य युवक को गांव में नशा बेचने पर कार सहित काबू किया था और उन्होंने इस बात की सूचना तुरंत कालांवाली थाना प्रभारी वजीर सिंह को देनी चाही। लेकिन उन्होंने बार-बार संपर्क करने के बावजूद भी फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने थाने के मुंशी से फोन पर बातचीत की तो उन्होंने कालांवाली में लूट होने के चलते पुलिस के व्यस्त होने और फ्री होने के बाद मौके पर पहुंचने की बात कही। इस बात का फायदा उठाते हुए पंजाब से आए नशा तस्कर ग्रामीणों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करते हुए एक ग्रामीण को घायल कर गाड़ी लेकर फरार हो गये। पंजाब में जाकर रात्रि को ग्रामीणों को फोन पर कई धमकियां देने लगे कि उन्होंने उनका क्या बिगाड़ लिया। वो गांव में इसी तरह नशा बेचेंगे।
ऐसा कुछ मामला नहीं था। शुक्रवार व्यस्त होने के कारण वे ग्रामीणों का फोन नहीं उठा पाये थे। जबकि मुंशी को फोन करने पर उनकी सुनवाई कर ली गई थी। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह भी वे थाने आये थे। उस समय वे तुरंत वर्दी पहनकर आ गये थे। कुछ आदमी एकत्रित होकर आए थे, यहां कोई धरना नहीं था। नशे में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
-वजीर सिंह, थाना प्रभारी, कालांवाली।