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ढुढियांवाली और डबवाली में पेट्रोल पंप लूटने वाले तीनों आरोपी काबू, दो पिस्तौल व कारतूस बरामद

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आरोपियों व बरामद हथियारों के साथ पुलिस उपाधीक्षक व अन्य - फोटो : Sirsa
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गांव नथोर माइनर के पास डबवाली रोड केहरवाला के पास लूट की साजिश रच रहे तीनों लुटेरों को पुलिस ने पकड़ लिया। तीनों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने दो दिन पहले गांव ढुढियांवाली में पेट्रोल पंप पर हुई लूट को कुबूल कर लिया। इसके अलावा तीनों आरोपियों ने कुछ दिन पहले डबवाली में भी पेट्रोल पंप पर हुई वारदात में शामिल होने की बात कुबूल कर लिया। आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह उर्फ मोटू निवासी मसीतां, गुरप्रीत सिंह निवासी तरनतारन काशम भट्टी और गुरप्रीत निवासी जिला फरीदकोट के रूप में हुई है। पुलिस ने लूट में प्रयुक्त की गई 2 पिस्तौल, 1 मोटरसाइकिल, 5 कारतूस, लाठी, टार्च व अन्य कई समान भी बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी मुकेश रानी ने बताया कि दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत से रिमांड की मांग की जाएगी ताकि आरोपियों के बारे में और पता लगाया जा सके।
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वारदात का खुलासा करते हुए सिरसा के डीएसपी राजेश कुमार चेची ने बताया कि पुलिस को गुप्ता सूचना मिली की केहरवाला के पास तीन संदिग्ध युवक लूट की फिराक में खड़े हैं। इस पर पुलिस ने अपनी टीम के साथ उनको पकड़ने के लिए दबिश दी। पुलिस की गाड़ी को देख कर तीनों वहां से भागने का प्रयास किया। लेकिन सब इंस्पेक्टर कृष्ण ने अपने साथियों की सहायता सेे तीनों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने डबवाली के पास एक पेट्रोल पंप से 90 हजार रुपये लूटने की वारदात कुबूल की। डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि आरोपी गुरप्रीत निवासी फरीदकोट के ऊपर पंजाब के विभिन्न थानों में एनडीपीएस के चार मुकदमें दर्ज हैं। गुरप्रीत का पिता पंजाब पुलिस में काम कर चुका है और अपनी पत्नी की हत्या के जुर्म में 6 साल जेल में रहकर आया है।
बड़ी वारदात कर बडे़ गैंग में होना चाहते थे शामिल: सिरसा के डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ में आरोपियों ने दो वारदात कुबूल की हैं। अब वह एक और बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। तीनों आरोपी आढ़ती को किडनैप करना व क्षेत्र के किसी मौजिज व्यक्ति या सरपंच की हत्या कर मशहूर होना चाहते थे ताकि वह पंजाब के बड़े व नामी गैंगस्टर के साथ गैंग में शामिल हो सकें। फरीदकोट का रहने वाला गुरप्रीत अक्सर मसीतां के प्रदीप के पास आता-जाता था। लेकिन तरनतारण के गुरप्रीत के साथ उसकी दोस्ती फेसबुक पर हुई। तरनतारण का गुरप्रीत पहली बार सिरसा में आकर इनके साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
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