एचटेट (हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा) के पहले दिन शनिवार को लेवल थ्री की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
हालांकि जींद में दो युवकों के आंसर की सहित पकड़े जाने के बाद बोर्ड ने शनिवार को हुई परीक्षा देर शाम रद कर दी। रविवार को होने वाली परीक्षा अपने नियत समय पर होगी।
एचटेट परीक्षा के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। पहले दिन शहर में स्थापित 25 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन हुआ। सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे ताकि नकल की संभावना शून्य रहे।
इसके अलावा उड़नदस्तों ने सभी केंद्रों पर बार-बार निरीक्षण कर परीक्षा का नकल रहित आयोजन करवाया। सभी केंद्रों में वीडियोग्राफी करवाई गई है ताकि कमरों के अंदर नकल न हो सके। लेवल थ्री के लिए साढ़े सात हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
एचटेट परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग के अलावा जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने भी सहयोग किया। परीक्षा को लेकर डीसी निखिल गजराज ने कई बैठकें कर परीक्षा के सफल आयोजन की हिदायतें दी थी।
सभी केंद्रों पर पुलिस की खास सुरक्षा व्यवस्था रही। परीक्षा तीन बजे शुरू हुई उससे आधा घंटा पूर्व सभी परीक्षार्थियों की तलाशी लेकर केंद्र में जाने दिया गया।
इसके बावजूद सभी केंद्रों पर जैमर स्थापित किए गए थे ताकि परीक्षा केंद्र में कोई उम्मीदवार मोबाइल ले भी जाए तो नेटवर्क न चल सके। इसी कारण परीक्षा केंद्रों के आसपास के आम लोगों के मोबाइल भी नेटवर्क से कटे रहे।
आज लेवल थ्री (पीजीटी) के लिए 7523 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। परीक्षा तीन बजे से साढे़ पांच बजे तक जारी रही। राजकीय नेशनल कॉलेज में सवा छह सौ परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
इसी प्रकार जेसीडी में 309 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जेसीडी में पांच केंद्र बनाए गए थे। हर केंद्र पर एक बोर्ड का और एक प्रशासन का अधिकारी नियुक्त किया गया था।
जेसीडी विद्यापीठ शिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि जेसीडी में सभी केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्वक रहा।
उन्होंने बताया कि हालांकि परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगे हुए थे पर सभी मोबाइल गेट पर ही जमा कर लिए गए थे। डीएवी स्कूल में परीक्षा देकर आए संजीव कागदाना ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्वक रही इस लिए सभी को सुविधा रही। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार की परेशानी मुझे परीक्षा के दौरान नहीं आई।
इसी प्रकार सीडीएलयू में परीक्षा देने वाली कसमप्रीत व अंजू ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
इसी प्रकार रविवार को लेवल दो और एक के लिए 36 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन होगा। व्यवस्था इसी प्रकार बनी रहेगी। रविवार को शहर के 30 केंद्रों के अलावा डबवाली के छह केंद्रों पर भी परीक्षा होगी।
इसके लिए 17 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने बताया कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक हुई।
उन्होंने बताया कि उडनदस्ता की टीमों ने सभी केंद्रों पर दबिश देकर परीक्षा का निरीक्षण किया जिस दौरान नकल का कोई भी मामला प्रकाश में नहीं आया।
छावनी में तब्दील हुए परीक्षा केंद्र
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा शनिवार दोपहर को आयोजित होने वाली एचटेट के लेवल 3 की परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए परीक्षा केंद्रों को पुलिस व जिला प्रशासन ने छावनी में तब्दील कर दिया।
हर परीक्षा केंद्र के चारों तरफ सुरक्षा का ऐसा प्रबंध कि कोई परिंदा भी पर न मार सके। दोपहर तीन बजे शुरू हुई परीक्षा में परीक्षा केंद्र में जाने वाले हर परीक्षार्थी के कपड़ों की अच्छी प्रकार से जांच, उनकी वीडियोग्राफी, उनके थंब इंप्रेशन लिए गए तथा उन्हें जांच मशीन से गुजारा गया ताकि पता लग सके कि कोई परीक्षार्थी अपने अंग वस्त्रों में तो कुछ छुपाकर नहीं ले जा रहा।
इसके अतिरिक्त इन परीक्षा केंद्रों में जिन अध्यापकों की ड्यूटी थी, उन्हें भी विशेष कार्ड जारी किए गए थे, जिनके बिना उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था।
परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दी और हर परीक्षा केंद्र में जैमर लगाए गए ताकि कोई किसी भी प्रकार से मोबाइल का प्रयोग न कर सके।
लोकल शहर में ही परीक्षा होने के कारण अधिकतर परीक्षार्थी मोबाइल साथ नहीं लाए, लेकिन जो लेकर आए उनके मोबाइल भी बाहर ही रखवा दिए गए।
परीक्षार्थी को अपने साथ केवल रोल नंबर स्लिप, एक पहचान पत्र, पैन आदि जरूरी सामान ही अंदर ले जाने दिया गया और अन्य जो भी सामान था, उसे बाहर ही रखवाया गया।
परीक्षा दोपहर तीन बजे शुरू होनी थी और बोर्ड ने निर्देश जारी किए थे कि परीक्षार्थी एक घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं।
इसी निर्देश के अनुसार दूर-दराज के गांवों के परीक्षार्थी एक बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए। हालांकि शहर में ही रहने वाले परीक्षार्थी ढ़ाई बजे के बाद पहुंचना शुरू हुए, जिनकी जांच के बाद उन्हें अंदर भेजा गया।