सिरसा। पुलिस अधीक्षक डॉ. मयंक गुप्ता का शुक्रवार देर रात अचानक तबादला कर दिया गया। सरकार ने अभी उन्हें कहीं नियुक्त नहीं किया है। उनका अचानक तबादला जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आदेश में डॉ. गुप्ता के स्थानांतरण का कोई कारण नहीं बताया गया है लेकिन जिले के लोग स्थानांतरण को नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण न लगा पाना और नशे के कारण हो रही मौतों को मान रहे हैं। 24 अप्रैल 2025 को सिरसा में कार्यभार संभालने के बाद रोड़ी, कालांवाली और ओटू में नशे के चलते छह युवकों की मौत हुई। चार दिन पहले ओटू में हुई एक युवक की नशे से मौत का मामला मीडिया में व्यापक चर्चा में रहा, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया।
इसके अलावा चर्चा है कि डॉ. गुप्ता कुछ संगीन अपराधिक मामलों में भी मौके पर नहीं पहुंचे। नए पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने शनिवार सुबह कार्यभार संभालते ही सीधे गांव ओटू का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
नशा तस्करी पर सरकार को घेरती रही हैं सैलजा
जिले में नशा तस्करी रोकने को लेकर सरकार की गंभीरता के बावजूद नशे से मौत पर लगाम नहीं लग पा रहा। सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने भी कई बार जिले में बढ़ती नशा तस्करी और नशे से युवाओं की मौत को लेकर चिंता जताई है और इसे सरकार की विफलता से जोड़ा है। संवाद